शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए दोहरी चुनौती (टीईटी व शिक्षक बनने की मेरिट) से जूझना ही पड़ेगा

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : शिक्षामित्रों का बड़ा समूह शासन के प्रस्ताव पर भले ही अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है, लेकिन प्रस्तावित भारांक (वेटेज) से 22 हजार उन शिक्षामित्रों को बड़ी राहत जरूर मिली है, जो पहले से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण कर चुके हैं।
वहीं, अन्य शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए दोहरी चुनौती (टीईटी व शिक्षक बनने की मेरिट) से जूझना ही पड़ेगा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन शीर्ष कोर्ट रद कर चुका है। कोर्ट ने सभी के लिए टीईटी अनिवार्य किया है वहीं, इस निर्णय से प्रभावित शिक्षामित्रों के लिए प्रदेश सरकार को कुछ राहत देने का भी निर्देश दिया। उसी के तहत शासन ने गुरुवार को शिक्षामित्रों के समक्ष प्रस्ताव रखकर चर्चा की। इसमें कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। साथ ही शिक्षामित्रों को वेटेज के लिए ढाई अंक प्रतिवर्ष व अधिकतम 25 अंक देने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही टीईटी और शिक्षक भर्ती कराने का भी वादा किया गया है। शिक्षक भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की मानें तो परिषद के स्कूलों में सामान्य वर्ग की मेरिट 50 से 60 अंक तक पहुंचती रही है। ऐसे में शिक्षामित्रों को दिया जाने वाला भारांक उन्हें सहायक अध्यापक बनाने की राह आसान कर सकता है, बशर्ते उनकी मेरिट भी बेहतर हो।
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