02 नवम्बर आदेश के तकनीकि एवं विधिक बिन्दुवों की व्याख्या

दि० 02 नवम्बर को मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश जारी हो चुका हैं ! उपरोक्त आदेश के तकनीकि एवं विधिक बिन्दुवों की व्याख्या निम्नांकित हैं-
१. सर्वप्रथम सरकारी अधिवक्ता द्वारा न्यायालय को अवगत कराया गया कि विज्ञापित 72825 शिक्षक पदों के सापेक्ष अभी तक 43,077 शिक्षक नियुक्त हो चुके हैं एवं 15,058 अभ्यर्थी चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं! साथ ही साथ 14,640 विज्ञापित पद अभी तक रिक्त हैं!

२. उसके उपरांत कुछ अधिवक्ताओं ने कोर्ट को अवगत कराया कि मा० न्यायालय द्वारा निर्धारित क्राइटेरिया (अर्थात टेट प्राप्तांक 70/60 प्रतिशत )से अधिक अंक प्राप्त कुछ अभ्यर्थी हैं जिनकों अभी तक नियुक्ति नहीं मिली हैं! अवगत कराना चाहूँगा कि यह बिंदु स्नातकोत्तर के 50% अंकों के आधार पर बी०एड० प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के अधिवक्ता द्वारा भी न्यायालय के सम्मुख रखा गया था जिसपर सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि यह अभ्यर्थी NCTE द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता की श्रेणी में नहीं आते हैं अतः यह अभ्यर्थी शिक्षक पद पर नियुक्त नहीं हो सकते!!
३. सरकारी अधिवक्ता के साथ-साथ अनुसूचित जाति इत्यादि के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरक्षित श्रेणी हेतु सुरक्षित पद रिक्त हैं व अर्ह अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हैं अतः कोर्ट द्वारा पूर्व में निर्धारित क्राइटेरिया (अर्थात टेट प्राप्तांक 70/60 प्रतिशत ) को शिथिल किया जाये!
४. तदोपरांत मा० न्यायालय ने उपरोक्त रिक्त 14,640 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति हेतु निर्देशित किया हैं कि ऐसे अभ्यर्थी जो कोर्ट द्वारा दि० 27 जुलाई 2015 को निर्धारित क्राइटेरिया (अर्थात टेट प्राप्तांक 70/60 प्रतिशत )से अधिक अंक प्राप्त किये हो वो सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग, इलाहाबाद के समक्ष अपना अभ्यर्थन प्रस्तुत करेगा! अभ्यर्थी के योग्यता एवं अर्हता का परीक्षण (विज्ञापन में निर्धारित नियमानुसार), एक विशेष समिति द्वारा किये जाने के उपरांत, उन अभ्यर्थियों की उपरोक्त रिक्त 14,640 पदों पर 3 सप्ताह के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित की जाये! यहाँ मैं आप सभी को धोखे में न रख कर स्पष्ट करना चाहूँगा कि यह निर्देश मात्र विज्ञापित 72825 के रिक्त पदों व विज्ञापन में निर्धारित नियमानुसार मात्र हैं! फिर भी निर्धारित क्राइटेरिया (अर्थात टेट प्राप्तांक 70/60 प्रतिशत )से अधिक अंक प्राप्त अभ्यर्थी अपना प्रत्यावेदन प्रेषित करने के लिए स्वतन्त्र हैं!
५. शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर किये गये समायोजन पर पूर्ण पीठ के विचार को उल्लेखित किया हैं कि शिक्षामित्रों का समायोजन विधिविरुद्ध हैं! पूर्ण पीठ के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल हो चुकी हैं अतः पूर्ण पीठ के आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिका पर विचार स्वतन्त्र रूप से होगा!
6. A submission has been raised by learned counsel for the petitioner in Writ Petition No.167 of 2015 that because of the vacancies that are in vogue in State of U.P., education is impaired despite the command under Article 21A of the Constitution. We have been told that there are more than 4,00,000 vacancies. Mr. Anand Nandan, learned counsel appearing for the writ petitioners has pointed to para 2 of the counter affidavit to his writ petition
filed by the Secretary, Basic Education, Govt. of U.P., Lucknow.
७. हमारे अधिवक्ता श्रीमान अन्नंद नन्दन जी ने हमारी परमादेश याचिका 167/2015 में सचिव, बेसिक शिक्षा द्वारा दाखिल रिक्त पदों के हलफनामा से कोर्ट को अवगत कराया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 4 लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षक पद रिक्त पड़े हैं! जिसपर मा० दीपक मिश्र जी ने उसी समय आदेश लिखवाना आरम्भ कर दिया, तभी बेसिक शिक्षा परिषद व शिक्षामित्रों की तरफ से स्टैंड अधिवक्ता श्री अभिषेक श्रीवास्तव ने कोर्ट को भ्रमित कर रिक्तियों की संख्या कम बताने की कोशिश की और आर्डर लिखने से रोकने का प्रयास भी किया! जिसे कोर्ट ने लिखा भी हैं
"As against the said assertion(काउंटर एफिडेविट), there has been some cavil (unnecessary ऑब्जेक्शन) raised by Mr. Abhishek Shrivastava, learned counsel appearing for the Board."
तत्पश्चात मा० दीपक मिश्रा जी ने हमारी काउंटर एफिडेविट की प्रति स्वयं लेकर चले गये व आदेश में सरकारी अधिवक्ता से रिक्तियों को सही से explain करने की अपेक्षा की हैं! (स्पष्ट करना चाहूँगा कि अब कोई काउंटर एफिडेविट नहीं माँगा गया हैं, रिक्तियों से मा० दीपक मिश्रा जी अवगत हो चुके हैं और हमारे काउंटर एफिडेविट के मुख्य अंश को आदेश में स्वयं उल्लेखित भी किया हैं!)
८. उपरोक्त के आधार पर मैं अब आप सभी को 100 प्रतिशत आश्वस्त करना चाहुंगा कि हमारी परमादेश याचिका अब मदर रिट बन चुकी हैं जिस पर बहुत जल्द ही मेरे समस्त टेट उत्तीर्ण साथियों की नियुक्ति सुनिश्चित होने वाली हैं!
९. इसके आलावा दि० 20 नवम्बर 2013 को मा० उच्च न्यायालय के खंडपीठ द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध सरकार द्वारा दाखिल SLP के मुख्य बिन्दुओं की विस्तृत व्याख्या के लिए 04 बिंदु निर्धारित किये हैं! जिसकी विस्तृत व्याख्या अगली पोस्ट में करूँगा!
10. कुछ विप्लवी तत्व हमारे ऊपर औचित्यहीन आरोप लगाकर अभी भी अपना विधवा-विलाप कर रहे हैं! परन्तु ऐसे विधवा-विलापियों की मुझे कोई परवाह नहीं हैं! मुझे मात्र अपना लक्ष्य अर्थात अपने समस्त टेट उत्तीर्ण साथियों की नियुक्ति की परवाह हैं जिसके लिए मैं पूर्ण रूप से समर्पित हू और अत्यंत अल्प समयकाल अर्थात 10 अप्रैल 2015 को परमादेश याचिका दाखिल कर समस्त टेट उत्तीर्ण साथियों के नियुक्ति के लिए आरम्भ हुवा संघर्ष/प्रयास दिसंबर माह में आप सभी को एक सुखद परिणाम प्रदान करेगा! धन्यवाद!
____________आपका दुर्गेश प्रताप सिंह
नोट- मैं अपने शुभचिंतकों से क्षमाप्रार्थी हूँ कि शिक्षामित्रों की SLP पर कार्यरत रहने की वजह से मैं आप सभी के कॉल रिसीव नहीं कर पाया हूँ ! क्योंकि समस्त टेट उत्तीर्ण साथियों की नियुक्ति की अंतिम बाधा को भी नष्ट करना अत्यंत आवश्यक हैं! साथ ही साथ हमेशा की तरह प्रमाणित रूप से तथ्यों को आप के सम्मुख रखने की आदत की वजह से लिखित आदेश आने की प्रतीक्षा में था!

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