फर्जी शिक्षकों पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, 436 दागी टीचर्स होंगे बाहर

इलाहाबाद . फर्जी कागजात के सहारे नौकरी पाने वाले सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों पर अब सरकार नकेल कसने जा रही है. आगरा विश्वविद्यालय से 2004 से 2005 में जारी हुए फर्जी अंकपत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद्
के स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है. इस दौरान दस जिलों की रिपोर्ट को खंगाला गया है जिसमें सवा चार सौ से अधिक शिक्षक फर्जी मिले हैं. जिसके बाद अब इन सभी को बर्खास्त करना तय है.

बता दें, इन रिपोर्ट के अलावा अभी भी 65 जिलों की रिपोर्ट आना बाकी है. जिससे यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अभी भी फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़ सकती है. हाईकोर्ट के आदेश पर विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के परिणामों में फर्जी अंकतालिकाओं/परिणामों से संबंधित जांच की थी.
एसआईटी रिपोर्ट में यह सामने आया था कि 3517 छात्रों का परिणाम अंकित कर दिया गया लेकिन 1053 में छेड़छाड़ की गई है. जिसके बाद यह सामने आया है कि 4570 छात्रों को फर्जी Mark sheets वितरित कर उन्हें विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्ट में शामिल कर लिया गया.
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