पीसीएस 2011 की जांच में सफेदपोश भी निशाने पर: पार्टी विशेष के शीर्ष नेताओं के करीबी पर सीबीआइ को संदेह चयनित के करीबी को बनाया गया था सदस्य

इलाहाबाद : पीसीएस परीक्षा 2011 में जाति विशेष के अभ्यर्थियों को प्रमुखता देकर उनका गलत तरीके से चयन करने के मामले में सीबीआइ को कई अहम जानकारी मिली हैं।
चयनितों को साक्षात्कार में मिले अंक और यूपी पीएससी में खास एजेंडे पर अपनाई गई चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। जांच अधिकारियों को पता चला है कि सपा सरकार के सफेदपोशों के इशारे पर यूपी पीएससी (उप्र लोकसेवा आयोग) में त्रिस्तरीय आरक्षण लागू करने समेत स्केलिंग की आड़ में खास अभ्यर्थियों को महत्व दिया गया था। 1यूपी पीएससी की भर्तियों की सीबीआइ जांच शुरू होते ही जांच एजेंसी के सामने शिकायतों का जो अंबार लगा उसी से जांच की दिशा तय हो गई थी। शिकायती पत्रों में कई अभ्यर्थियों ने यहां तक बताया था कि वर्ग विशेष के चयनित अभ्यर्थियों के घनिष्ठ संबंध किन सफेदपोशों से रहे है। एक चयनित अभ्यर्थी को साक्षात्कार में 141 नंबर दिए गए थे, शिकायत कर्ताओं ने बताया था कि उसके सगे रिश्तेदार को कुछ समय बाद यूपीपीएससी में सदस्य बनाया गया था। जिन्हें 135 से 140 के बीच अंक मिले उनके भी करीबी पूर्व की सरकार में अहम पदों पर रहे। इन्हीं के इशारे पर चयनित अभ्यर्थी अब विभिन्न जिलों में अहम पदों पर तैनात हैं।