लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है। शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किए जाने के संकेत डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने दे दिए हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किया जा सकता है। सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी मानदेय बढ़ाने के लिए शिक्षामित्रों और सुप्रीम कोर्ट के टकराव के बीच कोई नया रास्ता निकालने में लगी हुई है।
बढ़ सकता है शिक्षामित्रों का मानदेय
गौरतलब है कि पिछले काफी समय से शिक्षामित्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए। शिक्षामित्रों की मांग है कि समान कार्य समान वेतन दिया जाए। ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों की समस्या को सुलझाने के लिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था जिसके बाद कमेटी का गठन कर तमाम पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। कमेटी ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के लिए न्याय विभाग और वित्त विभाग से राय मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रद्द हुआ था समायोजन
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद करीब 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पद से रद्द कर दिया गया था। इसके साथ ही वेतन भी 3500 रुपए कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से लगातार शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे हैं। योगी सरकार ने बाद मं इनका वेतन बढ़ाकर 10 हजार कर दिया था। लेकिन उसके बाद भी शिक्षामित्रों ने आंदोलन वापस नहीं लिया और अब लगता है कि सरकार बैकफुट पर आकर इनका मानदेय बढ़ा सकती है।
दूसरे राज्यों में मिलता है ज्यादा मानदेय
शिक्षामित्रों को देश के अलग-अलग राज्यों में मानदेय को लेकर विसंगतियां है जिसको लेकर शिक्षामित्रों की मांग है कि योगी सरकार सिर्फ 10 हजार मानदेय क्यों दे रही है जबकि दूसरे राज्यों में शिक्षामित्रों को 35 हजार रुपए तक मानदेय दिया जा रहा है।
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