UPTET 2017: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मिली असफल उम्मीदवारों को राहत

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2017) में व्याप्त खामियों के मद्देनजर असफल उम्मीदवारों को सर्वोच्च न्यायालय ने राहत दी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि वो असफल उम्मीदवारों के मामले में दोबारा विचार करे। इस सुप्रीम आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के 41 हजार शिक्षकों की नियुक्तियों में फेरबदल हो सकता है।
हाईकोर्ट ने दिया था अंक घटाने का आदेश

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में 41 हजार शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए UPTET 2017 परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन इस परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र में कुछ प्रश्न गलत थे। परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया था कि गलत प्रश्नों के चलते उनकी मेरिट नहीं आ सकी। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा, तो अदालत की सिंगल बेंच ने परीक्षा में गलत प्रश्नों के लिए राज्य सरकार से 14 अंक घटाने के लिए कहा। इसके खिलाफ राज्य सरकार हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में चली गई और यहां से सिंगल बेंच का आदेश रद्द कर दिया गया।