असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 51 पर बड़ा विवाद, प्रतियोगी छात्रों ने नेता प्रतिपक्ष को सौंपे सामूहिक नकल के सबूत

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प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गुरुवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के प्रयागराज आगमन पर बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों ने उनसे मुलाकात कर सामूहिक नकल के ठोस सबूत और ज्ञापन सौंपा

छात्रों ने मांग की कि भर्ती परीक्षा को तत्काल निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्योंकि परीक्षा की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।


परीक्षा में सामूहिक नकल के आरोप, भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

छात्रों का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में:

  • एक जैसे उत्तर पत्रक

  • संदिग्ध चयन पैटर्न

  • परीक्षा केंद्रों पर लापरवाही

  • निगरानी की गंभीर कमी

जैसे सामूहिक नकल के स्पष्ट प्रमाण सामने आए हैं। इसके बावजूद अब तक परीक्षा निरस्त न किया जाना प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है।


नेता प्रतिपक्ष ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि:

  • मामले को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा

  • भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी

  • योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाएगी

उनका कहना था कि शिक्षा से जुड़ी भर्तियों में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।


ज्ञापन सौंपने वालों में ये छात्र रहे शामिल

इस दौरान ज्ञापन सौंपने वाले प्रतियोगी छात्रों में
आशुतोष पांडेय, अरविंद उपाध्याय, अभिजीत सिंह, लालता प्रसाद, अभिषेक मिश्रा, शुभम मिश्रा, मनीष सिंह, अवनीश यादव, डॉ. राजेंद्र पटेल, डॉ. ब्रजेंद्र सिंह, महेंद्र यादव, ज्ञानेंद्र द्विवेदी और डॉ. प्रदीप कुमार सहित कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।


शिक्षा भर्ती परीक्षाओं पर फिर उठे सवाल

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि:

  • क्या उच्च शिक्षा की भर्तियां पारदर्शी हैं?

  • क्या योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल पा रहा है?

  • भर्ती एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी या नहीं?

प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे