UP Education News 2026:
लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं को शासन और जिलाधिकारी (DM) ने गंभीरता से लिया है।
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डीएम ने मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है।
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कमेटी दो से तीन दिन के भीतर संशोधित समायोजन सूची बीएसए को जारी करेगी।
📝 जांच की प्रक्रिया
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डीएम ने बीएसए से समायोजन किए गए सभी शिक्षकों की सूची तलब की है।
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कमेटी शिक्षकों की ओर से दिए गए आपत्तियों और प्रत्यावेदनों की भी समीक्षा करेगी।
📰 मीडिया रिपोर्टिंग से उजागर हुई गड़बड़ी
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‘हिंदुस्तान’ ने गुरुवार के अंक में कैंसर, लकवा रोगी व दिव्यांग शिक्षिकाओं के समायोजन और बुधवार के अंक में महिला शिक्षकों का 40 किलोमीटर दूर समायोजन उजागर किया।
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यू-डायस पोर्टल की मदद से बीएसए ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के बंद व एकल प्राइमरी स्कूलों में करीब 170 शिक्षकों का समायोजन किया।
⚠️ शिक्षकों की शिकायतें
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50+ शिक्षकों ने समायोजन में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
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कई शिक्षकों को 40 किमी दूर के स्कूलों में समायोजन कर दिया गया।
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शिक्षकों ने कहा कि वरिष्ठता, स्कूलों में पंजीकृत छात्र संख्या, और तैनात शिक्षकों का ब्यौरा पोर्टल पर गलत दर्ज था।
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समायोजन के समय शिक्षकों से विकल्प नहीं लिए गए, न ही वरिष्ठता का पालन किया गया।
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कैंसर, दिल व लकवा रोग से पीड़ित और दिव्यांग शिक्षिकाओं को दूसरे ब्लॉक व जोन में स्थानांतरित किया गया।
🏫 नियमों की अनदेखी
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कई स्कूलों में वरिष्ठ शिक्षक न तैनात किए गए, जबकि कनिष्ठों को दूर भेजा गया।
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शिक्षकों ने बीएसए, डीएम और सीडीओ को शिकायत पत्र भेजकर समायोजन निरस्त कर पुराने स्कूल में तैनाती देने का अनुरोध किया।
अधिकारियों ने यू-डायस पोर्टल पर दर्ज गलत आंकड़ों के आधार पर समायोजन किया, जिससे नियमों और मानकों की भारी अनदेखी हुई।