न्यूनतम पेंशन वृद्धि का ऐलान बजट में किए जाने की संभावना लंबे समय से हो रही न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर जल्द ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि सरकार बजट या फिर उसके बाद पेंशन बढ़ाने को लेकर निर्णय ले सकती है। हालांकि पेंशन में बढ़ोतरी कितनी होगी वह अभी स्पष्ट नहीं है।ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है। 11 वर्षों से पेंशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिसको लेकर कर्मचारी संगठन लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि तब से लेकर अब तक महंगाई बढ़ी है, जिसमें कर्मचारियों पर खर्च को बोझ बढ़ा है। सेवानिवृत्ति के बाद एक हजार रुपये की पेंशन किसी भी रूप से व्यवहारिक नहीं है।
छह जनवरी को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री से मिला था। केंद्रीय मंत्री ने उठाए गए मुद्दों पर उचित विचार करने का भरोसा दिया था। वहीं, दूसरे संगठन भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर सात से 10 हजार रुपये के बीच करने की मांग कर रहे है।
सर्वोच्च न्यायालय में भी चल रहा मुद्दा : पेंशन से जुड़ा मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में भी चल रहा है। ऐसी स्थिति में स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही न्यूनतम पेंशन को बढ़ाए जाने को लेकर ऐलान किया जा सकता है।
सॉफ्टवेयर की खामियां दूर करने का काम जारी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एटीएम से पीएफ की राशि की निकासी की प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल स्वचालित निपटान प्रक्रिया के तहत आवेदन देने के तीन दिन के भीतर धनराशि खाते में आती है। इस समय लेने वाली प्रक्रिया से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित की जा रही है। इसका कारण हर साल पांच करोड़ से अधिक दावे निपटाए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर ईपीएफ निकासी के लिए होते हैं। ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है।
अस्सी लाख से अधिक सदस्यों को होगा लाभ
न्यूनतम पेंशन को बढ़ाती है तो वर्तमान में ईपीएफओ के करीब 80 लाख सदस्यों को लाभ होगा। इनमें से करीब 36.6 लाख सदस्य ऐसे भी हैं, जिन्हें सिर्फ न्यूनतम पेंशन एक हजार मिलती है। हालांकि भविष्य के हिसाब से देखा जाए तो यह संख्या करोड़ों में होगी।
सुविधा सहायक तैनात करेगा ईपीएफओ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़ी सेवाओं का लाभ आसानी से सदस्यों तक पहुंच सके, इसके लिए सुविधा उपलब्धकर्ता यानी सहायक तैनात किए जाने की तैयारी की जा रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एक निर्धारित शुल्क के साथ सुविधा उपलब्धकर्ता सदस्य के खातों को आपस में जोड़ने, खाते से धनराशि निकलने के लिए दावा करने और अन्य तरह की गलतियों को ठीक करने जैसी सेवा देने का अधिकार होगा। इच्छुक लोगों को सेवाओं के लिए आवेदन करने से लेकर अन्य जरूरी जानकारी का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिन्हें सुविधा उपलब्धकर्ता का नाम दिया जाएगा। यह सुविधा उपलब्धकर्ता अपने सेंटर पर ईपीएफओ से जुड़े सदस्यों को एक निश्चित शुल्क के बाद अपनी सेवा दे सकेंगे।
