उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण भर्तियों में से एक है। लाखों अभ्यर्थी हर वर्ष UP Primary Teacher Recruitment Rules के अंतर्गत सहायक अध्यापक बनने का सपना देखते हैं।
समय-समय पर नियमों में बदलाव, सरकारी संशोधन और न्यायालयों के आदेश इस भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करते रहते हैं। इस लेख में हम 2026 तक लागू भर्ती नियम, योग्यता, TET की अनिवार्यता, चयन प्रक्रिया, और महत्वपूर्ण कोर्ट रूलिंग्स को विस्तार से समझेंगे।प्राथमिक शिक्षक भर्ती का कानूनी आधार
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती निम्न कानूनों और नियमों के अंतर्गत होती है:
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उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियम
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निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम, 2009 (RTE Act)
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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानक
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राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश
इनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक ही प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त हों।
प्राथमिक शिक्षक बनने की शैक्षणिक योग्यता
कक्षा 1 से 5 (Primary Level)
प्राथमिक शिक्षक पद के लिए उम्मीदवार के पास निम्न योग्यताएँ होना अनिवार्य है:
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12वीं (Senior Secondary) न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण
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2 वर्ष का D.El.Ed / BTC या समकक्ष प्रशिक्षण
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UPTET या CTET उत्तीर्ण होना अनिवार्य
B.Ed डिग्रीधारकों को NCTE नियमों के अनुसार चयन के बाद ब्रिज कोर्स करना होता है।
TET की अनिवार्यता – ताज़ा स्थिति
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब केवल भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि सेवा में बने रहने के लिए भी आवश्यक मानी जा रही है।
न्यायालयों के हालिया निर्णयों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि TET शिक्षक गुणवत्ता का मूल आधार है और इससे कोई छूट नहीं दी जा सकती, जब तक सरकार विशेष नियम न बनाए।
आयु सीमा (Age Limit)
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न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
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अधिकतम आयु: 40 वर्ष
आयु में छूट
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SC / ST / OBC: नियमानुसार
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दिव्यांग उम्मीदवार: अतिरिक्त छूट
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भूतपूर्व सैनिक: सरकारी नियमों के अनुसार
चयन प्रक्रिया (Selection Process)
UP प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आमतौर पर निम्न चरणों में होती है:
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भर्ती विज्ञापन जारी
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ऑनलाइन आवेदन
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लिखित परीक्षा या मेरिट आधारित चयन
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TET और शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट सूची
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दस्तावेज़ सत्यापन
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अंतिम चयन सूची
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नियुक्ति पत्र जारी
पिछली भर्तियों में लिखित परीक्षा को अधिक महत्व दिया गया है, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी।
आरक्षण नीति
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उत्तर प्रदेश सरकार की आरक्षण नीति लागू होती है:
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अनुसूचित जाति (SC)
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अनुसूचित जनजाति (ST)
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
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महिला उम्मीदवार (क्षैतिज आरक्षण)
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दिव्यांगजन
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भूतपूर्व सैनिक
नवीन संशोधन (Latest Amendments)
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TET को शिक्षक सेवा से जोड़े जाने पर जोर
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भर्ती नियमों में NCTE मानकों की सख्त अनुपालना
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मेरिट और परीक्षा आधारित चयन को प्राथमिकता
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फर्जी नियुक्तियों और गलत मेरिट पर कड़ी निगरानी
राज्य सरकार भर्ती नियमों को अदालतों के निर्देशों के अनुरूप संशोधित कर रही है।
महत्वपूर्ण कोर्ट रूलिंग्स
1. TET को अनिवार्य ठहराना
न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि बिना TET प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति अवैध मानी जाएगी।
2. भर्ती सूची में पारदर्शिता
इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मेरिट सूची की जांच और नियमों के पालन पर सख्ती दिखाई है।
3. गलत भर्ती पर कार्रवाई
यदि दस्तावेज़ या योग्यता में गड़बड़ी पाई जाती है, तो वर्षों बाद भी नियुक्ति रद्द की जा सकती है।
वेतनमान और सेवा शर्तें
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7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन
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पे लेवल: लेवल-6
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अनुमानित मासिक वेतन: ₹35,000 से ₹40,000
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सरकारी सेवा नियम लागू
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प्रोबेशन अवधि के बाद स्थायी नियुक्ति
प्रमोशन और ट्रांसफर नियम
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वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति
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हेड टीचर बनने के लिए विभागीय नियम लागू
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ट्रांसफर नीति शासनादेश द्वारा नियंत्रित
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती नियम अब पहले से अधिक कठोर, पारदर्शी और योग्यता-आधारित हो चुके हैं। TET, प्रशिक्षण और न्यायालयों के निर्देशों ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल योग्य अभ्यर्थी ही शिक्षक बनें। यदि आप UP Primary Teacher बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको भर्ती नियमों, सरकारी आदेशों और कोर्ट फैसलों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।