तन से ज्यादा पेंशन पर खर्च: 25 लाख से अधिक भूतपूर्व सैनिकों से बढ़ा रक्षा बजट का बोझ

नई दिल्ली। देश की तीनों सेनाओं में सेवारत सैनिकों और अफसरों के वेतन से कहीं अधिक खर्च अब भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन पर हो रहा है।

रक्षा बजट के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पेंशन मद सरकार के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बनती जा रही है।


🔹 25.13 लाख से अधिक भूतपूर्व सैनिक

वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार:

  • देश में भूतपूर्व सैनिकों की संख्या 25.13 लाख थी

  • अब यह संख्या और बढ़ चुकी है

  • हर साल तीनों सेनाओं से लगभग 60 हजार सैनिक व अफसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं

वहीं, अग्निवीरों को छोड़कर:

  • वर्तमान में सेवारत सैनिकों और अफसरों की संख्या
    👉 लगभग 14 लाख के आसपास है


🔹 वन रैंक वन पेंशन (OROP) का प्रभाव

भूतपूर्व सैनिकों के लिए:

  • वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना लागू है

  • हर 5 वर्ष में पेंशन की समीक्षा की जाती है

इसका सीधा असर:
📈 पेंशन व्यय में लगातार बढ़ोतरी
📉 वेतन और पेंशन के बीच असंतुलन


🔹 रक्षा बजट 2026: रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़

इस वर्ष:

  • रक्षा बजट: ₹7.85 लाख करोड़ (रिकॉर्ड)

इसमें दो सबसे बड़े खर्च:
1️⃣ सैनिकों का वेतन
2️⃣ भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन


🔹 वेतन पर कितना खर्च?

तीनों सेनाओं के वेतन के लिए:

  • कुल आवंटन: ₹1,48,365 करोड़

जिसमें:

  • थल सेना: ₹1,18,167 करोड़

  • नौसेना: ₹9,662 करोड़

  • वायुसेना: ₹20,536 करोड़


🔹 पेंशन पर खर्च वेतन से ज्यादा

पेंशन के लिए बजट में:

  • कुल आवंटन: ₹1,71,338 करोड़

वास्तविक अनुमान:

  • थल सेना: ₹1,51,631 करोड़

  • नौसेना: ₹10,023 करोड़

  • वायुसेना: ₹17,646 करोड़

कुल खर्च:
👉 ₹1.79 लाख करोड़,
जिसे 8 हजार करोड़ की वसूली घटाकर ₹1.71 लाख करोड़ दिखाया गया है।

📌 साफ है कि पेंशन खर्च वेतन से कहीं ज्यादा हो चुका है


🔹 वेतन + पेंशन = 3.19 लाख करोड़

कुल रक्षा बजट में से:

  • वेतन और पेंशन पर खर्च: ₹3.19 लाख करोड़

अन्य प्रमुख आवंटन:

  • रक्षा आधुनिकीकरण: ₹2.19 लाख करोड़

  • DRDO: ₹29,100 करोड़

  • ECHS (स्वास्थ्य सेवा): ₹12,100 करोड़

  • BRO: ₹7,394 करोड़


🔹 बढ़ती पेंशन: भविष्य की बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • सेवानिवृत्त सैनिकों की संख्या बढ़ती जाएगी

  • OROP के कारण पेंशन बोझ और बढ़ेगा

  • इससे आधुनिकीकरण और हथियार खरीद पर दबाव पड़ सकता है


🔹 निष्कर्ष

रक्षा बजट के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि:

  • भारत में पेंशन-आधारित रक्षा खर्च लगातार बढ़ रहा है

  • आने वाले वर्षों में
    👉 सरकार को पेंशन और आधुनिकीकरण के बीच संतुलन बनाना
    👉 एक बड़ी वित्तीय चुनौती होगी