69 हजार शिक्षक भर्ती में याची लाभ का प्रस्ताव कोर्ट में प्रस्तुत करने की मांग

 प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने याची लाभ का प्रस्ताव 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करने की मांग राज्य सरकार से की है। अभ्यर्थियों ने एक बैठक कर मांग की कि वे आरक्षण निर्धारण में गड़बड़ी के आधार पर गलत ढंग से नियुक्त शिक्षकों को हटाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कोर्ट गए याचियों को लाभ देने की मांग कर रहे हैं। 



यदि उन्हें याची लाभ दे दिया जाता है तो विवाद का निस्तारण हो जाएगा। बैठक में पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप व प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने कहा कि इस भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी वर्ष 2020 से हाई कोर्ट में याची बनकर अपने लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे आज भी सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवादी के रूप में हैं, लेकिन आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार इसे निस्तारण करे, जिससे कि न्याय मिल सके। मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी एवं संगठन के प्रदेश प्रवक्ता राजन जायसवाल ने कहा कि चार फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस दींपाकर दत्ता व जस्टिस एजी मसीह ने उत्तर प्रदेश सरकार को 10 दिन का समय देकर निर्देश दिया था कि वह आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों को न्याय देने के लिए जो करना चाहते हैं, उस संबंध में कोर्ट को अवगत कराएं। ऐसे में अगली सुनवाई पर याची लाभ का प्रस्ताव दिए जाने से आरक्षित व अनारक्षित वर्ग दोनों लाभान्वित हो सकेंगे और किसी को कोई नुकसान नहींहोगा।