उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षामित्रों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सपा विधायक ओम प्रकाश ने शिक्षामित्रों के मानदेय, गृह जिले में ग्राम पंचायत तैनाती और भर्ती प्रक्रिया में शामिल न किए जाने पर सरकार से जवाब मांगा।
🏛️ सरकार का जवाब: एसआईआर के बाद होगी रिलीविंग
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि:
-
शिक्षामित्रों को गृह जिलों की ग्राम पंचायतों में तैनाती के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं।
-
लेकिन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता।
-
एसआईआर समाप्त होने के बाद रिलीविंग प्रक्रिया शुरू होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है। आगे भी “जो बेहतर होगा” किया जाएगा।
💰 मानदेय और भर्ती पर विपक्ष के सवाल
सपा विधायक ओम प्रकाश ने कहा:
-
एक ही स्कूल में कार्यरत अध्यापकों को 80,000–1,00,000 रुपये वेतन मिलता है, जबकि शिक्षामित्रों को केवल 10,000 रुपये।
-
लगभग 37,000 शिक्षामित्र TET पास हैं।
-
68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती में उन्हें शामिल नहीं किया गया।
-
कई शिक्षामित्र अपने गृह निवास से दूर तैनात हैं, जिससे पारिवारिक और आर्थिक दिक्कतें बढ़ रही हैं।
यूपी में शिक्षामित्रों की संख्या लगभग 1,37,500 बताई गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में मानदेय बढ़ा, लेकिन यूपी में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
🏥 कैशलेस इलाज का आदेश
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि:
-
शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज का आदेश जारी हो चुका है।
-
ग्राम पंचायतों में तैनाती संबंधी आदेश भी जारी हैं, पर एसआईआर के कारण फिलहाल अमल रुका है।
⚡ विधान परिषद में निजीकरण पर नोंकझोंक
विधान परिषद में निजीकरण और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सपा और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
-
सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार स्थायी पदों को भरने के बजाय आउटसोर्सिंग से भर्तियां कर रही है।
-
इससे आरक्षण, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रभावित होती हैं।
-
बाद में सपा सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में
-
✔ शिक्षामित्रों की गृह जिले में तैनाती के आदेश जारी
-
✔ एसआईआर पूरा होने के बाद रिलीविंग संभव
-
✔ मानदेय वर्तमान में 10,000 रुपये
-
✔ 37,000 TET पास शिक्षामित्र भर्ती में शामिल न होने से नाराज
-
✔ कैशलेस इलाज योजना लागू
निष्कर्ष
शिक्षामित्रों का मुद्दा यूपी की राजनीति में एक बार फिर केंद्र में है। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैनाती और अन्य मांगों पर क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।