बीएसए के निरीक्षण में सहायक अध्यापक की अभद्रता, आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग, विभागीय कार्रवाई के संकेत

 शाहजहांपुर। जिले के कंपोजिट एवं प्राथमिक विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान एक गंभीर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) दिव्या गुप्ता के साथ

सहायक अध्यापक विनीत गंगवार द्वारा घोर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। इस मामले में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।


🔹 औचक निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद

दिनांक 31 जनवरी 2026, समय लगभग दोपहर 2 बजे, बीएसए दिव्या गुप्ता द्वारा विकास खंड भावलखेड़ा के अंतर्गत:

  • प्राथमिक विद्यालय ग्वारी

  • कंपोजिट विद्यालय कनेंग

  • उच्च प्राथमिक विद्यालय ददऊ

  • प्राथमिक विद्यालय ददऊ

का औचक निरीक्षण किया गया।

इसी दौरान प्राथमिक विद्यालय ददऊ में कार्यरत सहायक अध्यापक विनीत गंगवार द्वारा निरीक्षण के समय वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। बीएसए के सहयोगी स्टाफ द्वारा मना करने पर शिक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए निरीक्षण में बाधा उत्पन्न की


🔹 “आप कौन होती हैं निरीक्षण करने वाली?” – आरोप

निरीक्षण के दौरान विनीत गंगवार द्वारा कथित रूप से कहा गया:

“आप हमारे विद्यालय में निरीक्षण करने क्यों आई हैं? आप कौन होती हैं?”

इसके साथ ही आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर शासकीय कार्य में व्यवधान डाला गया। जब उनसे छात्रों को पढ़ाए जा रहे विषयों के बारे में जानकारी मांगी गई, तो वे संतोषजनक उत्तर भी नहीं दे सके


🔹 विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित

बीएसए रिपोर्ट के अनुसार:

  • शिक्षक द्वारा शैक्षणिक कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही

  • शिक्षण कार्य छोड़कर अन्य गतिविधियों में संलिप्तता

  • निरीक्षण में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करना

इन सभी बिंदुओं के आधार पर सहायक अध्यापक विनीत गंगवार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।


🔹 अन्य विद्यालयों में निरीक्षण की स्थिति

निरीक्षण के दौरान बीएसए द्वारा अन्य विद्यालयों में भी कमियां पाई गईं:

📌 प्राथमिक विद्यालय ग्वारी

  • विद्यालय में गंदगी पाई गई

  • 15 दिन में साफ-सफाई पूर्ण करने के निर्देश

  • अनुपालन न होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी

📌 कंपोजिट विद्यालय कनेंग

  • 213 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 56 छात्र उपस्थित

  • जाली लगाने का कार्य अधूरा

  • वित्तीय अनियमितताओं में सुधार हेतु 15 दिन का समय

📌 उच्च प्राथमिक विद्यालय ददऊ

  • 5 स्टाफ के सापेक्ष केवल 2 महिला शिक्षिकाएं उपस्थित

  • अन्य शिक्षक एसआईआर कार्य हेतु तहसील गए होने की जानकारी

  • शौचालय की सफाई ग्राम प्रधान से समन्वय कर कराने के निर्देश

📌 प्राथमिक विद्यालय ददऊ

  • शैक्षणिक स्तर अत्यंत न्यून पाया गया

  • रंगाई-पुताई शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश

  • शैक्षणिक सुधार न होने पर सभी स्टाफ पर कार्रवाई की चेतावनी


🔹 निष्कर्ष

यह मामला न केवल शिक्षक आचरण बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक अनुशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बीएसए द्वारा की गई सख्ती से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि:

✔️ निरीक्षण में बाधा
✔️ अभद्र व्यवहार
✔️ शैक्षणिक लापरवाही

को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।