परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब शिक्षामित्रों की घर के पास के स्कूल में तैनाती की प्रक्रिया जिला स्तर पर पूरी की जाएगी।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।🔹 जिला स्तर पर बनेगी समिति
शिक्षामित्रों की तैनाती प्रक्रिया को लेकर:
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प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी
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समिति ही पूरी प्रक्रिया की औपचारिक स्वीकृति और निगरानी करेगी
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लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त होगी
🔹 दिसंबर में जारी हुआ था शासनादेश
गौरतलब है कि:
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शिक्षामित्रों के तबादले को लेकर दिसंबर में शासनादेश जारी किया गया था
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उसी महीने बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा बीएसए को निर्देश भी दिए गए
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बावजूद इसके जिलों में प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की कमी बनी हुई थी
अब निदेशालय ने सभी बिंदुओं को स्पष्ट करते हुए कार्यान्वयन के निर्देश दे दिए हैं।
🔹 पहले मूल विद्यालय में होगी तैनाती
नए निर्देशों के अनुसार:
👉 शिक्षामित्रों को सबसे पहले उनके मूल विद्यालय में भेजा जाएगा
👉 इसके बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी
इससे उन शिक्षामित्रों को राहत मिलेगी जो वर्षों से दूर-दराज के विद्यालयों में कार्यरत हैं।
🔹 महिला शिक्षामित्रों को विशेष विकल्प
महिला शिक्षामित्रों के लिए एक अहम प्रावधान किया गया है:
✔️ उन्हें ससुराल के नजदीकी विद्यालय में तैनाती का विकल्प दिया जाएगा
✔️ इससे पारिवारिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी
🔹 कितने शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ?
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वर्ष 2018 में लगभग 1.37 लाख शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय लौटने का अवसर मिला था
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उस समय बड़ी संख्या में शिक्षामित्र वापस आ गए थे
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अभी भी करीब 35 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिन्हें मूल विद्यालय में भेजा जाना शेष है
नए निर्देशों से इन शेष शिक्षामित्रों की प्रक्रिया अब तेज होगी।
🔹 शिक्षामित्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
✅ पारिवारिक जिम्मेदारियों में आसानी
✅ यात्रा खर्च और समय की बचत
✅ मानसिक तनाव में कमी
✅ कार्यक्षमता और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार
🔹 निष्कर्ष
शिक्षामित्रों की घर के पास तैनाती को लेकर जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय व्यावहारिक और राहत देने वाला कदम है। इससे वर्षों से लंबित मांग को आखिरकार ठोस दिशा मिलती नजर आ रही है।