प्रयागराज/उन्नाव। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश सचिव सुधाकर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि शिक्षामित्रों की झोली में “अब और खुशियाँ आने वाली हैं।”
📌 क्या कहा शिक्षा मित्र संघ ने?
-
प्रदेश सचिव सुधाकर तिवारी ने मुख्यमंत्री की घोषणा का हार्दिक स्वागत किया।
-
उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही मांगों का सकारात्मक परिणाम है।
-
संघ ने उम्मीद जताई कि अन्य मांगों पर भी गौर किया जाएगा और भविष्य में और राहतें मिलेंगी।
-
संगठन ने खुद और अपने पदाधिकारियों के प्रयासों का विश्वास व्यक्त किया और सभी को धन्यवाद दिया।
📊 मानदेय में भारी बढ़ोतरी: क्या बदल रहा है?
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार:
✔ शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह किया गया है।
✔ अनुदेशकों (Anudeshaks) के मानदेय में भी वृद्धि कर ₹17,000 प्रति माह तय किया गया है।
✔ यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
✔ शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक कैशलेस मेडिकल सुविधा भी मिलेगी।
🎉 शिक्षामित्रों में खुशी की लहर
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए यह काफी बड़ा आर्थिक सुधार माना जा रहा है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग करते आए शिक्षामित्रों ने इस घोषणा को “उन्हें सम्मान और स्थिरता” प्रदान करने वाला कदम बताया है।
📝 निष्कर्ष
उच्च मानदेय और स्वास्थ्य सुरक्षा की घोषणा के बाद प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने साफ कहा है कि यह पहला कदम है और आने वाले समय में शिक्षामित्रों से जुड़ी अन्य मांगों के समाधान की तरफ भी कदम उठाए जाएंगे। संघ का कहना है कि अब “और खुशियों की उम्मीद” की जा सकती है।