परिषदीय स्कूलों में लापरवाही पर सख्ती: BSA के औचक निरीक्षण में दो शिक्षकों का वेतन रोका
उरई से आई ताजा खबर के अनुसार बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) चंद्रप्रकाश ने डकोर ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षक की अनुपस्थिति और छात्रों की कम उपस्थिति सामने आने पर दो शिक्षकों के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।🔹 किन विद्यालयों का हुआ निरीक्षण?
बीएसए ने डकोर ब्लॉक के:
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फूलपुर
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गोरन
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टिमरों
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बनफरा
स्थित परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया।
🔹 निरीक्षण में क्या कमियां मिलीं?
निरीक्षण के दौरान:
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कई विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई
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उच्च प्राथमिक विद्यालय बनफरा में शिक्षिका माया चौहान अनुपस्थित मिलीं
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प्राथमिक विद्यालय बनफरा में अध्यापक बृजेश चतुर्वेदी की लापरवाही सामने आई, जहां छात्र संख्या बेहद कम थी
इन दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए बीएसए ने दोनों शिक्षकों का वेतन रोक दिया।
🔹 शिक्षकों को सख्त निर्देश
बीएसए चंद्रप्रकाश ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने निर्देश दिए कि:
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विद्यालय का समय सुबह 10 बजे है
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सभी शिक्षक हर हाल में साढ़े 9 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहें
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बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय लाकर नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित किया जाए
🔹 BEO की रिपोर्ट भी सौंपी गई
इस दौरान:
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खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रीति ने
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डकोर ब्लॉक के 55 विद्यालयों का निरीक्षण कर
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उनकी विस्तृत आख्या बीएसए को सौंप दी है
👉 इस रिपोर्ट के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
🔹 क्यों अहम है यह कार्रवाई?
✅ परिषदीय विद्यालयों में अनुशासन मजबूत होगा
✅ शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी
✅ छात्र उपस्थिति बढ़ाने पर जोर मिलेगा
✅ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद
🔹 निष्कर्ष
बीएसए का यह औचक निरीक्षण साफ संकेत देता है कि अब लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया जाएगा। समय पर विद्यालय न पहुंचना या बच्चों को नियमित शिक्षण न देना अब सीधे वेतन कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।