Budget 2026 Analysis: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, शिक्षा-कौशल और रोजगार पर सरकार का फोकस

 केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 में उद्योग जगत, शिक्षा और रोजगार को लेकर स्पष्ट और दूरदर्शी रणनीति देखने को मिली है। इस बजट का मुख्य फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करना और आर्थिक विकास को दीर्घकालिक गति देना है।

सरकार ने कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और गैर-अपराधी (Non-Criminalized) बनाते हुए उद्योगों को राहत देने का प्रयास किया है।


🔹 ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर बड़ा जोर

इस बजट में:

  • कर नियमों को सरल बनाया गया

  • कई मामलों में दंड के स्थान पर शुल्क का प्रावधान

  • अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को खत्म करने पर जोर

इन सुधारों से:
✔️ नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी
✔️ पुराने उद्योगों को विस्तार में मदद मिलेगी
✔️ निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी और लंबे समय में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


🔹 शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ने की पहल

बजट में शिक्षा क्षेत्र को कौशल विकास, रोजगार और उद्योग से जोड़ने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है।

विशेष रूप से:

  • उच्च शिक्षा क्षेत्र में पांच यूनिवर्सिटी टाउन विकसित किए जाएंगे

  • हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाने का प्रस्ताव

  • शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

इससे युवाओं को:
✔️ रोजगारोन्मुख शिक्षा
✔️ आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
✔️ बेहतर करियर अवसर

मिलने की उम्मीद है।


🔹 मनरेगा को नया स्वरूप, बजट में 42% की बढ़ोतरी

ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए:

  • मनरेगा योजना को नए स्वरूप में लागू किया गया है

  • इसके बजट में 42 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की गई है

यह कदम:
✔️ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा
✔️ पलायन को कम करेगा
✔️ रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करेगा


🔹 प्रमुख क्षेत्रों में बजटीय बढ़ोतरी

इस बजट में विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है:

  • 🌾 कृषि क्षेत्र: 7% वृद्धि

  • 🏥 स्वास्थ्य क्षेत्र: 10% वृद्धि

  • 🎓 शिक्षा क्षेत्र: 14% वृद्धि

  • 🏗️ पूंजीगत व्यय: 5% वृद्धि

वहीं, राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए इसे GDP के 4.3% तक सीमित रखा गया है, जो वित्तीय अनुशासन का संकेत है।


🔹 आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं

इस बजट में:

  • आयकर स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है

हालांकि, सरकार का जोर संरचनात्मक सुधारों और निवेश आधारित विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।


🔹 निष्कर्ष

बजट 2026 को:

  • उद्योग-अनुकूल

  • रोजगार-केंद्रित

  • शिक्षा और कौशल-आधारित

कहा जा सकता है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, शिक्षा सुधार और ग्रामीण रोजगार पर केंद्रित यह बजट दीर्घकालिक आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखता है।