📱 क्या है SIM-Swapping Fraud?

 SIM-Swapping एक साइबर ठगी है जिसमें ठग आपकी निजी जानकारी के आधार पर आपके मोबाइल नंबर का डुप्लिकेट SIM जारी करवा लेते हैं।

जैसे ही नया SIM एक्टिव होता है:

  • आपके फोन का नेटवर्क बंद

  • OTP और बैंक SMS ठग के पास

  • बैंक/UPI/ईमेल अकाउंट पर कब्ज़ा


🔎 ठगी कैसे होती है?

1️⃣ व्यक्तिगत जानकारी जुटाना
फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल या डेटा लीक के जरिए।

2️⃣ टेलीकॉम कंपनी से नया SIM जारी करवाना
“SIM खो गया” या “खराब हो गया” बताकर।

3️⃣ OTP पर कब्ज़ा
नेटवर्क बंद होते ही OTP सीधे ठग के पास जाने लगते हैं।

4️⃣ बैंक/UPI एक्सेस
पासवर्ड रीसेट, UPI PIN बदलकर पैसे निकाले जाते हैं।


🚨 खतरे के संकेत

  • अचानक नेटवर्क गायब

  • बिना वजह SIM deactivate

  • बैंक से password reset SMS

  • लगातार OTP आना

इन संकेतों को हल्के में न लें।


🛡️ बचाव के पक्के उपाय

✔ OTP, PIN, CVV कभी शेयर न करें
✔ अनजान लिंक पर क्लिक न करें
✔ सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें
✔ बैंक/ईमेल में 2-Step Verification ऑन रखें
✔ SMS अलर्ट सेवा सक्रिय रखें
✔ शक होने पर तुरंत अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें


🏦 अगर बैंक से जुड़ा मामला हो

✔ तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर कॉल करें
1930 (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर शिकायत दर्ज करें
✔ जरूरत पड़े तो SIM तुरंत ब्लॉक करवाएं


📢 सीधी बात

हर बार नेटवर्क बंद होना सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं होता।
डिजिटल युग में सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

✍️ संतोष मिश्र – कुशीनगर