UP Science–Math Teacher Recruitment: 1700+ रिक्त पदों की काउंसिलिंग खत्म, बचे अभ्यर्थियों को आखिरी मौका | Latest News

 

विज्ञान–गणित शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट: 1700 से अधिक पदों पर काउंसिलिंग पूरी

परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रिक्त 1700 से अधिक पदों को भरने के लिए सीमैट एलनगंज में आयोजित तीन दिवसीय काउंसिलिंग रविवार को समाप्त हो गई


🔹 कितने अभ्यर्थियों को बुलाया गया?

इस काउंसिलिंग में:

  • 31 दिसंबर 2019 से पूर्व

  • हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले

  • कुल 1501 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था

इनमें से:

  • 1347 अभ्यर्थियों ने अपने अभिलेखों का सत्यापन कराया

  • 154 अभ्यर्थी किसी कारणवश काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सके


🔹 छूटे अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार:

👉 काउंसिलिंग से छूटे 154 अभ्यर्थियों को
📅 27 जनवरी को
📍 शिक्षा निदेशालय स्थित परिषद कार्यालय
में अभिलेख सत्यापन का अंतिम मौका दिया गया है।


🔹 दस्तावेजों में कमी वालों के लिए भी मौका

जो अभ्यर्थी:

  • काउंसिलिंग में शामिल हुए

  • लेकिन उनके अभिलेखों में कोई कमी रह गई है

उन्हें:
📅 27 और 28 फरवरी तक
👉 आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया है।

⚠️ इसके बाद कोई अतिरिक्त मौका नहीं मिलेगा


🔹 जिला आवंटन की तैयारी

अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद:

  • सफल अभ्यर्थियों को इसी महीने के अंत तक जिला आवंटन
    करने की तैयारी की जा रही है।

यह चरण पूरा होते ही नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।


🔹 सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को आदेश दिया था कि:

इस भर्ती में न्यूनतम कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने वाले
उन सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए
जिन्होंने 31 दिसंबर 2019 से पहले याचिकाएं दाखिल की थीं

इसी आदेश के अनुपालन में रिक्त पदों पर यह काउंसिलिंग कराई गई।


🔹 अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

✅ निर्धारित तिथि पर अवश्य उपस्थित हों
✅ सभी मूल प्रमाणपत्र साथ रखें
✅ किसी भी प्रकार की कमी तुरंत दूर करें
✅ अंतिम अवसर को हल्के में न लें


🔹 निष्कर्ष

विज्ञान एवं गणित शिक्षक भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह प्रक्रिया नियुक्ति की अंतिम कड़ी साबित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब विभाग तेजी से जिला आवंटन और नियुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।