नई दिल्ली : उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने में जुटी सरकार अब
इसे लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड नहीं है। यही वजह है कि सरकार ने
विश्वविद्यालयों के खाली पदों को 2022 तक हर साल भरने की रणनीति तैयार की
है।
साथ ही यह भी तय किया है कि इसके बाद विश्वविद्यालयों में एक ही समय
में शिक्षकों के दस फीसद से ज्यादा पद खाली नहीं रहेंगे। सरकार ने यह बड़ी
पहल उस समय की है, जब देश भर के विश्वविद्यालयों में मौजूदा समय में
शिक्षकों के 35 फीसद से ज्यादा पद खाली हैं। 1विश्वविद्यालयों में यह
स्थिति पिछले कई वर्षो से बनी हुई है। सरकार का मानना है कि
विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता को सुधारने में यह सबसे बड़ा रोड़ा है। सरकार
ने इस समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। यूजीसी ने हाल ही में एक बैठक
में 2022 को लेकर एक विजन प्लान को अंतिम रूप दिया है। इसके तहत शिक्षकों
के खाली पदों को भरने के साथ इनके ज्ञान को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से
ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाने पर भी जोर दिया गया है।
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