अंतरजनपदीय स्थानांतरण में भारांक नीति पर सवाल, शिक्षकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन

 उरई। प्रदेश में भारांक नीति के चलते अंतरजनपदीय स्थानांतरण न हो पाने से विभिन्न जनपदों में कार्यरत शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में शिक्षकों ने कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। विधायक ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वरिष्ठता आधारित अंतरजनपदीय स्थानांतरण नीति लागू कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।


वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षक

शिक्षक नेता अनुराग द्विवेदी ने बताया कि जिले के कई शिक्षक पिछले 10 वर्षों से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान कई बार स्थानांतरण की नीतियां आईं, लेकिन भारांक नीति के कारण सेवा में वरिष्ठ शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए।

उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अंक आधारित प्रणाली के चलते अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।


भारांक नीति समाप्त कर वरिष्ठता आधारित स्थानांतरण की मांग

शिक्षकों ने मांग की कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण में भारांक नीति को समाप्त किया जाए और बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के नियम 22 के अनुसार वरिष्ठता आधारित स्थानांतरण नीति लागू की जाए। इससे वर्षों से दूरस्थ जनपदों में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिल सकेगी।


विधायक ने दिया सहयोग का आश्वासन

कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और शिक्षकों के हित में यथासंभव मदद की जाएगी।


ज्ञापन देने वालों में ये रहे शामिल

इस अवसर पर वैभव द्विवेदी, विकास दुबे, राहुल यादव, कुलदीप सिंह, आशीष तिवारी, नितिन सोनी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।


निष्कर्ष

अंतरजनपदीय स्थानांतरण की वर्तमान व्यवस्था से असंतुष्ट शिक्षक अब वरिष्ठता आधारित नीति लागू करने की मांग को लेकर संगठित हो रहे हैं। यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है, तो लंबे समय से प्रतीक्षारत शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

शिक्षा विभाग और शिक्षक स्थानांतरण से जुड़ी ताजा खबरों के लिए हमारे ब्लॉग को नियमित रूप से फॉलो करें।