शिक्षक समायोजन पर सख्ती, सचिव ने मंडलीय एडी बेसिक से मांगी रिपोर्ट

 लखनऊ/प्रयागराज: बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक समायोजन को लेकर एक बार फिर सख्ती दिखाई गई है। परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशकों (ADBE) से शिक्षक समायोजन की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।


14 नवंबर को दिए गए थे समायोजन के निर्देश

परिषद द्वारा 14 नवंबर को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि

  • यू-डायस (UDISE) पोर्टल पर उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर

  • मानक से अधिक अध्यापक संख्या वाले विद्यालयों को चिह्नित किया जाए

  • और वहां से शिक्षकों को शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में समायोजित किया जाए।

इसका उद्देश्य प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) को संतुलित करना है।


समीक्षा बैठक में जताई गई थी नाराजगी

इसके बावजूद समायोजन की रफ्तार बेहद धीमी रही।
26 दिसंबर को हुई समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा ने शिक्षक समायोजन की प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी

उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए थे कि तय मानकों के अनुसार समायोजन न होने पर जवाबदेही तय की जा सकती है


अब मंडल स्तर पर मांगी गई रिपोर्ट

अब सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा

  • मंडलीय स्तर पर

  • समायोजन की स्थिति

  • शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक विद्यालयों की संख्या

  • और अब तक किए गए समायोजन का विवरण

मांगा गया है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।


क्यों जरूरी है शिक्षक समायोजन?

  • कई विद्यालयों में छात्र कम, शिक्षक ज्यादा

  • तो कई स्कूलों में एक ही शिक्षक या कोई शिक्षक नहीं

  • इससे पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है

  • समायोजन से संसाधनों का संतुलित उपयोग संभव है