उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के संविदा कर्मियों को राहत देने वाली बड़ी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा बजट सत्र 2026-27 के दौरान कहा कि राज्य के लाखों शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) और अनुदेशक (Instructors) को अप्रैल 2026 से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।
📌 मानदेय में भारी बढ़ोतरी
✔ शिक्षामित्रों का मानदेय: पहले ₹10,000 → अब ₹18,000 प्रति माह
✔ अनुदेशकों का मानदेय: पहले ₹9,000 → अब ₹17,000 प्रति माह
📅 ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
🏥 कैशलेस मेडिकल इलाज
सीएम योगी ने यह भी घोषणा की कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों समेत उनके परिवार वालों को ₹5 लाख तक का कैशलेस मेडिकल इलाज मिलेगा। यह सुविधा उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
👨👩👧 लाभार्थी वर्ग
ये बदलाव लगभग 1.5 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों पर लागू होंगे, जो सरकारी स्कूलों में संविदा पर कार्यरत हैं।
🧾 इससे पहले क्या मिलता था?
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शिक्षामित्रों को अब तक ₹10,000
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अनुदेशकों को ₹9,000
मानदेय मिलता था।
सैलरी में इस बड़े इज़ाफ़े से दोनों वर्ग के संविदा कर्मियों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
📊 मौजूदा शिक्षा बजट और घोषणाओं का हाशिया
इस घोषणा के अलावा मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल शिक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर भी ज़ोर दिया है, जैसे कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार और डिजिटल सीखने के संसाधनों में निवेश।
📝 सार — क्या बदल रहा है?
| विषय | पहले मानदेय | नया मानदेय (1 अप्रैल 2026 से) |
|---|---|---|
| शिक्षामित्र | ₹10,000 | ₹18,000 |
| अनुदेशक | ₹9,000 | ₹17,000 |
| कैशलेस मेडिकल | — | ₹5,00,000 तक |
📌 निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला संविदा शिक्षा कर्मियों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत और सामाजिक सुरक्षा मंत्र है। बढ़ा हुआ मानदेय और स्वास्थ्य कवरेज उन्हें बेहतर ढंग से रोजगार और जीवन निर्वाह की क्षमता देगा।
👉 यह ऐलान खास तौर पर उन शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए काम आएगा जो लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे और आर्थिक बोझ से जूझ रहे थे।