नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि आयोग की अंतिम सिफारिशें लागू होने में लगभग 18 से 20 महीने लग सकते हैं, लेकिन इससे पहले ही संभावित फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वेतन आयोग की सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि बेसिक सैलरी को इसी फैक्टर से गुणा कर नया वेतन तय किया जाता है।
🔢 क्या हो सकता है फिटमेंट फैक्टर?
कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।
यदि 3.25 का फैक्टर लागू होता है तो:
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वर्तमान न्यूनतम बेसिक वेतन: ₹18,000
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संभावित नया न्यूनतम वेतन: ₹58,500
तुलना के लिए:
Seventh Central Pay Commission ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था।
📅 25 फरवरी 2026 को अहम बैठक
NC-JCM (नेशनल काउंसिल – स्टाफ साइड) की ड्राफ्टिंग कमेटी 25 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में बैठक करेगी।
इस बैठक में:
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कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर संयुक्त ज्ञापन तैयार होगा
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5% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग
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HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का तर्कसंगत निर्धारण
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DA (महंगाई भत्ता) की नई संरचना
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पेंशन संशोधन फॉर्मूला
पर चर्चा होगी।
🌐 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट लॉन्च
सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट शुरू कर दी है और संबंधित हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी।
इसके बाद 3 नवंबर को वित्त मंत्रालय ने इसे औपचारिक रूप से अधिसूचित किया।
⏳ कब लागू होंगी सिफारिशें?
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8वें वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर रिपोर्ट देनी है।
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सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है।
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7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है।
📊 कर्मचारियों के लिए क्या मतलब?
यदि उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो:
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बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल
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DA और HRA भी बढ़ेंगे
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पेंशनरों को संशोधित पेंशन का लाभ
हालांकि अंतिम फैसला सरकार द्वारा आयोग की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।