⚠️ बिना TET पास 1.86 लाख शिक्षकों की बढ़ी चिंता, हरियाणा के आदेश से यूपी में हलचल

 लखनऊ। हरियाणा सरकार के हालिया आदेश ने उत्तर प्रदेश के करीब 1.86 लाख बिना TET पास शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। हरियाणा सरकार ने 16 फरवरी को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य के शिक्षकों को मार्च 2027 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करनी होगी, अन्यथा सेवा से बाहर किया जा सकता है।

इस फैसले का असर अब यूपी में भी दिखाई देने लगा है।


🔹 विधानसभा में उठा मुद्दा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा विधायक अनिल प्रधान ने सरकार से पूछा कि जो शिक्षक अभी तक TET पास नहीं हैं, उनके लिए क्या व्यवस्था की जा रही है?

इस पर शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि TET की अनिवार्यता को लेकर जो निर्णय आया है, वह पूरे देश पर लागू है। उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में रिव्यू याचिका दायर कर चुकी है।


⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सितंबर 2025 में Supreme Court of India ने देशभर के जूनियर हाईस्कूल तक के शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया था।

यूपी सहित कई राज्यों ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार (Review Petition) दाखिल की है।

  • रिव्यू याचिका फिलहाल उसी बेंच के पास लंबित है जिसने मूल फैसला सुनाया था।

  • कुछ राज्यों की याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं।

  • कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूपी की याचिका भी खारिज होती है, तो सितंबर 2027 तक TET परीक्षा कराना अनिवार्य हो जाएगा।


📌 हरियाणा का सख्त रुख

हरियाणा सरकार ने स्पष्ट कर दिया है:

  • मार्च 2027 तक HTET पास करना अनिवार्य

  • परीक्षा पास न करने पर सेवा समाप्ति

इस फैसले के बाद यूपी के शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बन गई है।


✊ शिक्षक संगठनों का विरोध

लखनऊ के जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत ने आंदोलन की घोषणा की है:

  • 23 से 25 फरवरी: काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन

  • 26 फरवरी: प्रत्येक जिले के BSA कार्यालय के बाहर धरना

  • प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा

  • मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में देशव्यापी प्रदर्शन


🔎 आगे क्या?

यदि रिव्यू याचिका स्वीकार नहीं होती है, तो:

  • यूपी सरकार को TET परीक्षा आयोजित करनी होगी

  • बिना TET पास शिक्षकों की सेवा पर संकट आ सकता है

  • राज्य में बड़े पैमाने पर शिक्षक आंदोलन की संभावना