उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की 100 योजनाएं और कार्यक्रम: 2017 से 2026 तक स्कूलों में क्या-क्या चला?

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पिछले वर्षों के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों के कायाकल्प, बच्चों की उपस्थिति, नामांकन, FLN, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा, दिव्यांग बच्चों की सहायता और मूल्यांकन से संबंधित अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए गए हैं।

वर्ष 2017 से 2026 के बीच बेसिक शिक्षा व्यवस्था में मिशन प्रेरणा, ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन, DBT, DIKSHA, विद्या प्रवेश, स्कूल रेडीनेस, शिक्षक संकुल, ARP, SRG, विद्या समीक्षा केंद्र सहित अनेक पहलें देखने को मिली हैं।

नीचे प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत सूची दी जा रही है।

नोट: इनमें कुछ योजनाएं स्थायी/नियमित प्रकृति की हैं, जबकि कुछ अभियान, मॉड्यूल, मूल्यांकन, वार्षिक गतिविधियां या विशेष अवधि में संचालित पहलें हैं। किसी योजना का वर्तमान वर्ष में सक्रिय होना उसके नवीनतम विभागीय आदेश/दिशानिर्देश पर निर्भर करता है।


उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की 100 प्रमुख योजनाएं एवं कार्यक्रम

1. मिशन प्रेरणा (Mission Prerna)

बेसिक शिक्षा में सीखने के परिणामों में सुधार और बच्चों के शैक्षिक स्तर को बेहतर करने के लिए प्रमुख पहल।

2. ऑपरेशन कायाकल्प (Operation Kayakalp)

सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और विद्यालय के भौतिक स्वरूप को बेहतर बनाने की पहल।

3. निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission)

प्रारंभिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) हासिल करने पर केंद्रित मिशन।

4. स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम

कक्षा-1 में प्रवेश करने वाले बच्चों को विद्यालयी वातावरण के लिए तैयार करने की पहल।

5. विद्या प्रवेश (Vidya Pravesh)

बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रारंभिक चरण का कार्यक्रम।

6. शारदा अभियान

'स्कूल हर दिन आएं' के उद्देश्य से बच्चों की उपस्थिति एवं विद्यालय से जुड़ाव बढ़ाने की पहल।

7. समर्थ कार्यक्रम

दिव्यांग/विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की शिक्षा एवं समावेशन से संबंधित कार्यक्रम।

8. पीएम पोषण योजना

विद्यालयों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की योजना, जिसे पहले मध्याह्न भोजन योजना के रूप में जाना जाता था।

9. DBT योजना

यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे एवं स्कूल बैग आदि के लिए पात्र विद्यार्थियों को सीधे लाभ हस्तांतरण।

10. ई-पाठशाला

डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की पहल।

11. 100 डेज रीडिंग कैंपेन

बच्चों में पढ़ने की आदत और पठन क्षमता विकसित करने का अभियान।

12. चहक कार्यक्रम

प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों के आनंदपूर्ण एवं सहज सीखने पर केंद्रित पहल।

13. राष्ट्रीय आविष्कार अभियान

बच्चों में विज्ञान, गणित, नवाचार एवं खोज की प्रवृत्ति विकसित करने का कार्यक्रम।

14. DIKSHA ऐप आधारित शिक्षण

डिजिटल कंटेंट, शिक्षक प्रशिक्षण एवं शिक्षण संसाधनों के लिए DIKSHA प्लेटफॉर्म का उपयोग।

15. कैच-अप कोर्स

बच्चों के सीखने में हुई कमी को पूरा करने के लिए विशेष शैक्षिक गतिविधियां।

16. उपचारात्मक शिक्षण

कम सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त एवं लक्षित शिक्षण।

17. मोहल्ला क्लास

विशेष परिस्थितियों में विद्यालय से बाहर/स्थानीय स्तर पर बच्चों को शिक्षण से जोड़ने की पहल।

18. शिक्षक संकुल पहल

शिक्षकों के बीच सहयोग, अनुभव साझा करने एवं शैक्षिक सुधार के लिए व्यवस्था।

19. अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP)

शिक्षकों को अकादमिक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था।

20. स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG)

शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए राज्य स्तर पर विशेषज्ञ समूह।

21. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)

वंचित वर्ग की बालिकाओं के लिए आवासीय शिक्षा की व्यवस्था।

22. मीना मंच

बालिकाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक मुद्दों की समझ विकसित करने की पहल।

23. गार्गी मंच

बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियां।

24. मिशन शक्ति – विद्यालय स्तर

बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां।

25. बाल संसद

विद्यार्थियों में नेतृत्व, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने की पहल।

26. खेल-खेल में शिक्षा

गतिविधि एवं खेल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की पहल।

27. निपुण असेसमेंट टेस्ट (NAT)

बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों और निपुण लक्ष्यों की प्रगति का आकलन।

28. विद्या समीक्षा केंद्र

डेटा आधारित निगरानी, विश्लेषण एवं शैक्षिक प्रगति की समीक्षा के लिए डिजिटल व्यवस्था।

29. स्मार्ट क्लास / ICT लैब

विद्यालयों में डिजिटल एवं तकनीकी माध्यम से शिक्षण को बढ़ावा देने की पहल।

30. प्रेरक ज्ञानोत्सव

शिक्षा एवं निपुण लक्ष्यों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने से जुड़ी गतिविधियां।

31. शिक्षा चौपाल

विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और समुदाय के बीच संवाद बढ़ाने की पहल।

32. निपुण सम्मान

निपुण लक्ष्यों की उपलब्धि और बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने की पहल।

33. बालवाटिका कार्यक्रम

प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और कक्षा-1 से पहले बच्चों की तैयारी पर केंद्रित कार्यक्रम।

34. प्रिंट रिच वातावरण

विद्यालय एवं कक्षा में बच्चों के लिए पढ़ने योग्य सामग्री का समृद्ध वातावरण तैयार करना।

35. पुस्तकालय / रीडिंग कॉर्नर

बच्चों में पठन संस्कृति विकसित करने के लिए पुस्तकालय एवं रीडिंग कॉर्नर।

36. आधारशिला मॉड्यूल

प्रारंभिक स्तर के भाषा एवं गणितीय अधिगम को मजबूत करने वाला मॉड्यूल।

37. ध्यानाकर्षण मॉड्यूल

विद्यार्थियों के सीखने में सुधार के लिए लक्षित शैक्षिक मॉड्यूल।

38. शिक्षण संग्रह मॉड्यूल

शिक्षकों के लिए शिक्षण सामग्री एवं शैक्षिक संसाधनों से संबंधित मॉड्यूल।

39. शिक्षक डायरी

शिक्षकों की दैनिक/साप्ताहिक शैक्षिक योजना और गतिविधियों के लिए डायरी व्यवस्था।

40. शिक्षक संदर्शिका

शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में मार्गदर्शन प्रदान करने वाली संदर्शिका।

41. गणित किट वितरण

बच्चों को गतिविधि आधारित गणित सीखने में सहायता देने के लिए गणित किट।

42. विज्ञान किट वितरण

विज्ञान विषय को प्रयोग एवं गतिविधि आधारित बनाने के लिए विज्ञान किट।

43. TLM मेला

Teaching Learning Material के उपयोग एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की गतिविधि।

44. भाषा एवं गणित बोर्ड

विद्यालयों में भाषा एवं गणित से संबंधित शैक्षिक सामग्री प्रदर्शित करने की पहल।

45. U-DISE+ एकीकरण

विद्यालयों एवं शिक्षा से संबंधित आंकड़ों के डिजिटल संकलन एवं प्रबंधन की व्यवस्था।

46. PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण

विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों के राष्ट्रीय स्तर के आकलन से संबंधित पहल।

47. SMC प्रशिक्षण कार्यक्रम

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को विद्यालय प्रबंधन एवं सहभागिता के लिए प्रशिक्षण।

48. अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM)

अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विद्यार्थियों की प्रगति को लेकर संवाद।

49. घर बैठे पढ़ाई

विशेष परिस्थितियों में घर से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की पहल।

50. आओ अंग्रेजी सीखें

रेडियो/डिजिटल माध्यम से अंग्रेजी सीखने को प्रोत्साहित करने की पहल।


51 से 100 तक अन्य प्रमुख योजनाएं एवं कार्यक्रम

  1. स्वच्छता पखवाड़ा
  2. स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार
  3. हर घर तिरंगा – विद्यालय अभियान
  4. फिट इंडिया स्कूल वीक
  5. एक भारत श्रेष्ठ भारत
  6. कला उत्सव
  7. योग ओलंपियाड
  8. शिक्षक पर्व
  9. परीक्षा पे चर्चा
  10. भाषा संगम
  11. यूथ एवं इको क्लब
  12. खेलकूद अनुदान योजना
  13. बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना
  14. CWSN Escort Allowance
  15. प्रेरक विद्यालय कार्यक्रम
  16. प्रेरक विकास खंड कार्यक्रम
  17. निपुण विद्यालय कार्यक्रम
  18. निपुण ब्लॉक कार्यक्रम
  19. मानव संपदा पोर्टल
  20. छात्र आधार प्रमाणीकरण अभियान
  21. प्रेरणा पोर्टल
  22. विद्या अमृत महोत्सव
  23. जादुई पिटारा / Toy-Based Pedagogy
  24. PRASHAST ऐप स्क्रीनिंग
  25. SWIFT Chat Bot Quiz
  26. निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण
  27. राज्य अध्यापक पुरस्कार
  28. पारदर्शी ऑनलाइन शिक्षक तबादला
  29. नव भारत साक्षरता कार्यक्रम / ULLAS
  30. FLN – बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान
  31. उड़ान अभियान
  32. समग्र शिक्षा अभियान
  33. ASER सर्वेक्षण एकीकरण
  34. सत्रांत परीक्षा / वार्षिक निपुण मूल्यांकन
  35. ग्रीष्मावकाश गृहकार्य अभियान
  36. प्रेरणा लक्ष्य ऐप पहल
  37. निपुण लक्ष्य ऐप असेसमेंट
  38. समर्थ ऐप ट्रैकिंग
  39. शारदा पोर्टल ट्रैकिंग
  40. प्रेरणा तालिका ट्रैकिंग
  41. प्रेरणा सूची एकीकरण
  42. स्कूल चलो अभियान
  43. पढ़े भारत बढ़े भारत
  44. बाल अधिकार जागरूकता अभियान
  45. सड़क सुरक्षा माह/सप्ताह
  46. EVS प्रोजेक्ट वर्क
  47. जल संचयन जागरूकता कार्यक्रम
  48. आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल
  49. समग्र प्रगति पत्र / Holistic Progress Card
  50. आनंदम / Happiness Curriculum Initiative

2017 से 2026 तक बेसिक शिक्षा में बदलाव की तस्वीर

इन योजनाओं को व्यापक रूप से देखें तो पिछले लगभग एक दशक में बेसिक शिक्षा विभाग की गतिविधियां मुख्यतः इन क्षेत्रों के आसपास केंद्रित रही हैं:

विद्यालय का कायाकल्प → शिक्षक प्रशिक्षण → डिजिटल मॉनिटरिंग → FLN → निपुण लक्ष्य → मूल्यांकन → डेटा आधारित समीक्षा → अभिभावक सहभागिता → बालिका एवं दिव्यांग शिक्षा → विद्यालयी सुविधाएं।

इस दौरान विद्यालयों में केवल पारंपरिक कक्षा शिक्षण तक सीमित रहने के बजाय अनेक पोर्टल, ऐप, मॉड्यूल, सर्वेक्षण, मूल्यांकन, अभियान और रिपोर्टिंग व्यवस्थाएं भी जुड़ी हैं।


सबसे बड़ा सवाल: शिक्षक को पढ़ाने का समय कितना मिला?

इतनी योजनाओं और कार्यक्रमों का उद्देश्य निश्चित रूप से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है। लेकिन दूसरी तरफ एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रश्न भी उठता है—क्या इन सभी योजनाओं की निगरानी, डेटा एंट्री, ऐप/पोर्टल अपडेट, फोटो/वीडियो अपलोड, रिपोर्टिंग और विभिन्न गतिविधियों के अनुपालन से शिक्षक के वास्तविक शिक्षण समय पर प्रभाव पड़ता है?

यही वह बिंदु है जिसे शिक्षा व्यवस्था में “Teacher Workload vs Teaching Time” के रूप में देखा जाना चाहिए।

एक शिक्षक का प्राथमिक दायित्व कक्षा में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना भी अंततः यही होना चाहिए कि:

शिक्षक को अधिक से अधिक समय बच्चों को पढ़ाने के लिए मिले और प्रशासनिक/गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ न्यूनतम हो।

व्यंग्यात्मक लेकिन विचारणीय निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में योजनाओं की कमी नहीं है।
मिशन भी हैं, अभियान भी हैं, पोर्टल भी हैं, ऐप भी हैं, मॉड्यूल भी हैं, असेसमेंट भी हैं, सर्वे भी हैं और मॉनिटरिंग की अनेक व्यवस्थाएं भी हैं।

बस एक सवाल अभी भी महत्वपूर्ण है—

“शिक्षक को शांत चित्त से केवल शिक्षण करने देने की योजना कब आएगी?”

क्योंकि अंततः 100 योजनाओं की सफलता का अंतिम परिणाम तभी दिखाई देगा, जब शिक्षक का पर्याप्त समय कक्षा में और बच्चे के सीखने में लगे।