इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा परिणाम पर
गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई अभ्यर्थियों को शून्य व एक अंक मिलने वाले अंक
पत्र सोशल मीडिया में वायरल करके पूछा जा रहा है कि यह कैसे संभव है।
मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने परीक्षा
नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी अब इसे कोर्ट
में चुनौती देने की रणनीति बना रहे हैं।1यूपी टीईटी का रिजल्ट आने के बाद
प्रश्नों के जवाब पर हंगामा और मामला कोर्ट तक पहुंचा था। इस बार शिक्षक
भर्ती के परिणाम पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जिस
परीक्षा में 33 से अधिक प्रश्नों के दस से अधिक जवाब सही माने गए हैं,
उसमें कोई अभ्यर्थी शून्य या फिर एक अंक कैसे पा सकता है। प्रदर्शन कर रहे
अभ्यर्थियों ने परीक्षा की कार्बन कॉपी दिखाते हुए कहा कि उन्हें 122 अंक
मिलना चाहिए था लेकिन, रिजल्ट में महज 22 अंक मिले हैं। अभ्यर्थी
मूल्यांकित कॉपियां दिखाने की मांग कर रहे हैं।
परीक्षा का मखौल न उड़ाएं: शिक्षक भर्ती में पांच फीसदी अंक घटाने की पहल
पर बीएड अभ्यर्थियों ने कड़ी आपत्ति की है। उनका कहना है कि सरकार परीक्षा
का मखौल न उड़ाए, बल्कि अगली भर्ती में एनसीटीई के निर्देश का अनुपालन करके
बीएड को मौका दे, 95 हजार या फिर से अधिक सीटें आसानी से भरेंगी।
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