जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक
विद्यालयों में शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति वाट्स एप से भेजने को लेकर
शिक्षकों पर सख्ती शुरू हो चुकी है। जिलाधिकारी विशाख जी ने शिक्षकों का
मोबाइल नंबर आदि उपलब्ध कराने की निर्देश दे दिया है।
इसी के साथ शिक्षकों की धड़कन बढ़ने लगी है। कि वह अब उपस्थिति को लेकर किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे।
पटरी से उतर चुकी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था के बीच प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के उपस्थिति को लेकर हमेशा शिकायत उठती रहती है। अधिकतर विद्यालयों में यही शिकायत रहती है कि शिक्षक देर से आते हैं तो विद्यालय बंद होने के समय से पहले की वापसी की राह थाम लेते हैं। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति को लेकर भी सही रिपोर्ट नहीं दी जाती। बच्चे कम रहते हैं ¨कतु अधिक संख्या दिखा दी जाती है। हालांकि इस तरह की शिकायतों पर अंकुश लगाए जाने के लिए नियमित विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश जारी किया गया है। इसी के साथ अब विद्यालय खुलते समय की फोटो व प्रार्थना के साथ शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति व्हाट्स एप पर पोस्ट करनी होगी। निर्धारित समय से व्हाट्स एप पर फोटोग्राफ न पहुंचने पर माना जाएगा कि विद्यालय समय से नहीं खुला तो शिक्षक भी उपस्थित नहीं हुए। इस योजना को क्रियान्वित कराने लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय से एक- एक नोडल अध्यापकों के नाम उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही व्हाट्स एप से बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति के लिए प्रत्येक शिक्षकों के मोबाइल नंबर दो दिन के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों का नाम मोबाइल नंबर फोटो सहित फ्लैस बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया है।
By
Jagran sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
इसी के साथ शिक्षकों की धड़कन बढ़ने लगी है। कि वह अब उपस्थिति को लेकर किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे।
पटरी से उतर चुकी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था के बीच प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के उपस्थिति को लेकर हमेशा शिकायत उठती रहती है। अधिकतर विद्यालयों में यही शिकायत रहती है कि शिक्षक देर से आते हैं तो विद्यालय बंद होने के समय से पहले की वापसी की राह थाम लेते हैं। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति को लेकर भी सही रिपोर्ट नहीं दी जाती। बच्चे कम रहते हैं ¨कतु अधिक संख्या दिखा दी जाती है। हालांकि इस तरह की शिकायतों पर अंकुश लगाए जाने के लिए नियमित विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश जारी किया गया है। इसी के साथ अब विद्यालय खुलते समय की फोटो व प्रार्थना के साथ शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति व्हाट्स एप पर पोस्ट करनी होगी। निर्धारित समय से व्हाट्स एप पर फोटोग्राफ न पहुंचने पर माना जाएगा कि विद्यालय समय से नहीं खुला तो शिक्षक भी उपस्थित नहीं हुए। इस योजना को क्रियान्वित कराने लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय से एक- एक नोडल अध्यापकों के नाम उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही व्हाट्स एप से बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति के लिए प्रत्येक शिक्षकों के मोबाइल नंबर दो दिन के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों का नाम मोबाइल नंबर फोटो सहित फ्लैस बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया है।
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق