-बेसिक शिक्षा विभाग के सामने प्रदर्शन कर जाताया रोष
-सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान
जागरण संवाददाता,लखनऊ : शिक्षामित्रों ने शनिवार को भूख हड़ताल कर रोष जताया। मांगें पूरी न होने तक उन्होंने आंदोलन जारी रखने का एलान किया। अनशन और प्रदर्शन के चलते कुछ शिक्षामित्रों की तबीयत भी बिगड़ी, लेकिन व धरने पर बने रहे।
अपर मुख्य सचिव से वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन का आज तीसरा दिन था। समायोजन निरस्त होने और अब तक शासन की ओर से कोई निर्णय न लिए जाने से नाराज शिक्षामित्र सुबह दस बजे ही शिक्षा भवन पहुंच गए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार बिना टीईटी नियुक्ति दे। उन्होने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की। प्रदर्शन में सुनील भदौरिया, सुशील यादव, उमेश पांडेय, शिव कुमार द्विवेदी, अमर दीप, प्रदीप सिंह, अरविंद्र वर्मा, विजय बहादुर समेत तमाम लोग शामिल रहे।
नया अध्यादेश लाने की मांग : राजकुमार, रचना, मोनिका समेत तमाम शिक्षामित्रों का कहना था कि समायोजन रद होने से उनका भविष्य खतरे में है। वह बीते 16 साल से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अधिक उम्र होने के कारण उनके सामने और कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने सरकार से इस विषय पर जल्द से जल्द सार्थक दिशा में कदम उठाने की मांग की।
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
-सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान
जागरण संवाददाता,लखनऊ : शिक्षामित्रों ने शनिवार को भूख हड़ताल कर रोष जताया। मांगें पूरी न होने तक उन्होंने आंदोलन जारी रखने का एलान किया। अनशन और प्रदर्शन के चलते कुछ शिक्षामित्रों की तबीयत भी बिगड़ी, लेकिन व धरने पर बने रहे।
अपर मुख्य सचिव से वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन का आज तीसरा दिन था। समायोजन निरस्त होने और अब तक शासन की ओर से कोई निर्णय न लिए जाने से नाराज शिक्षामित्र सुबह दस बजे ही शिक्षा भवन पहुंच गए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार बिना टीईटी नियुक्ति दे। उन्होने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की। प्रदर्शन में सुनील भदौरिया, सुशील यादव, उमेश पांडेय, शिव कुमार द्विवेदी, अमर दीप, प्रदीप सिंह, अरविंद्र वर्मा, विजय बहादुर समेत तमाम लोग शामिल रहे।
नया अध्यादेश लाने की मांग : राजकुमार, रचना, मोनिका समेत तमाम शिक्षामित्रों का कहना था कि समायोजन रद होने से उनका भविष्य खतरे में है। वह बीते 16 साल से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अधिक उम्र होने के कारण उनके सामने और कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने सरकार से इस विषय पर जल्द से जल्द सार्थक दिशा में कदम उठाने की मांग की।
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق