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शिक्षामित्रों ने मानी सीएम योगी आदित्यनाथ की बात, जानिए क्या हुआ निर्णय

आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद शिक्षामित्रों ने राजधानी लखनऊ में चल रहे अपने आंदोलन को तीसरे दिन वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके मामले में गंभीरता से विचार कर रही है, इसलिए आंदोलन करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
इस पर शिक्षामित्रों के सभी संगठन आंदोलन स्थगित करने पर सहमत हो गए। लखनऊ से लौटने के बाद शिक्षामित्र स्कूल जाएंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे।
सीएम के सामने ये रखी मांग
आगरा आए प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने बताया कि शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री के समक्ष चार सूत्रीय मांग पत्र रखा। इसमें प्रमुख रूप से शिक्षा मित्रों को आश्रम पद्धति के शिक्षकों के अनुरूप 11 महीने 29 दिन संविदा पर रखकर सहायक अध्यापक के समान वेतन भत्ते देने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट के लिए एनसीटीई की अधिसूचना के पैरा 4 में उन्हें भी शामिल कराने की मांग रखी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में दोबारा याचिका की मांग रखी, इस पर सीएम योगी ने मना कर दिया, साथ ही कहा कि संगठन द्वारा जो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, उसमें यदि न्यायालय उन्हें बुलाता है, तो वो वहां जाकर शिक्षामित्रों का पक्ष रखेंगे।
गठित की गई कमेटी
जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि शिक्षामित्रों की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी और लखनऊ के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा की सदस्यता में कमेटी गठित की। कमेटी तीन दिन में शिक्षा मित्रों की मांग पर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
आज से करेंगे काम
जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि आज से सभी शिक्षामित्र स्कूल जाना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम योगी द्वारा गठित की गई कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। सीएम योगी ने आश्वासन दिया है, कि शिक्षामित्रों के साथ कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा, इसके बाद शिक्षामित्रों ने उन पर भरोसा किया है और उम्मीद जताई है, कि पहले की तरह इस बार योगी सरकार उन्हें अनदेखा नहीं करेगी।

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