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ऊर्जा मंत्री पर भड़के शिक्षामित्रों ने सांसद-विधायक को घेरा, धरना में कूदे भाजपा विधायक कहा- सरकार जब 10 हजार दे सकती है तो 40 हजार क्यों नहीं

बलिया। यूपी कैबिनेट से पारित 10 हजार मानदेय के प्रस्ताव पर भड़के शिक्षामित्रों ने शनिवार को पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में भाजपा के तीन सांसद व तीन विधायकों को बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद शिक्षामित्र पीछे नहीं हटे। निरीक्षण भवन से बाहर निकलकर बैरिया के भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह न सिर्फ शिक्षामित्रों के बीच पहुंचे, बल्कि उनके साथ धरना पर भी बैठ गये। विधायक ने कहा कि सरकार जब 10 हजार दे सकती है तो 40 हजार क्यों नहीं दे सकती। कहा कि मैं पहले शिक्षक हूं, बाद में विधायक। शिक्षामित्रों को भरोसा दिलाया कि वे उनकी बात को मुख्यमंत्री से मिलकर प्रमुखता से रखेंगे।
बताया जा रहा है कि सूबे ऊर्जा व जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा शनिवार को यहां एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहीं, पहले से आंदोलित शिक्षामित्रों ने ऊर्जा मंत्री का विरोध करने का ऐलान किया था। शिक्षामित्रों के अल्टीमेटम से जिला प्रशासन का होश उड़ गया था। शुक्रवार को देर शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक पंकज सिंह व सह संयोजक सूर्यप्रकाश यादव इत्यादि से वार्ता कर भरोसा दिलाया था कि 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से ऊर्जा मंत्री को मिलवाया जायेगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार को शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिये। इसके चलते बीएसए कार्यालय का ताला तीसरे दिन भी नहीं खुला। उधर, प्रशासन ने शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल की सूची भी ले लिया। निर्धारित समय पर शिक्षामित्रों का प्रतिनिधि मंडल मंत्री से मिलने पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पहुंचा तो पता चला कि मंत्री वापस लौट गये। इतना सुनते ही आक्रोशित शिक्षामित्रों ने डाक बंगला के मुख्यद्वार पर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दिया। महिला शिक्षा मित्रों का तेवर तो और ही उग्र दिखा। उस समय डाक बंगला में ही सांसद भरत सिंह, सांसद रवीन्द्र कुशवाहा व सांसद हरिनारायण राजभर तथा तीन विधायक थे। शिक्षामित्रों का उग्र तेवर देख प्रशासन का हाथ-पांव फूलने लगा। भारी संख्या में पीएसी व पुलिस के साथ कई थानों के थानाध्यक्ष पहुंच गये। कुछ देर बाद बैरिया विधायक सुरेन्द्र सिंह डाक बंगला से सीधे शिक्षामित्रों के बीच पहुंचे और शिक्षक होने के नाते उनके धरना में शामिल होते हुए उनकी मांगों को जायज ठहराये।

शिक्षामित्रों ने किया दिल्ली का रूख
बलिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलित शिक्षामित्रों ने प्रदेश संगठन के निर्देश पर जिला मुख्यालय का धरना-प्रदर्शन स्थगित करते हुए दिल्ली की आरे रूख कर दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 11 सितम्बर से आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दर्जनों शिक्षामित्र शनिवार को ही रवाना हो गये, जबकि 10 सितम्बर को सैकड़ों शिक्षामित्र विभिन्न साधनों से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। शिक्षामित्रों का कहना है कि वे अपने हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

छावनी बना रहा बीएसए दफ्तर व मंत्री का कार्यक्रम स्थल
बलिया। शिक्षामित्रों ने ऊर्जा मंत्री का विरोध करने का जो ऐलान किया था, उससे प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट था। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कसकर खड़ा रहा। बीएसए कार्यालय तो पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया ही, ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम स्थल पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान डटे रहे। अग्निशमन दस्ता के साथ ही विभिन्न थानों की पुलिस व पीएसी के जवान शहर में पैनी नजर रखे रहे। पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पर शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कुंवर सिंह चौराहे से वाहनों को पुलिस द्वारा दूसरे रूट से डायवर्ट किया गया।
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