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आंदोलनकारी शिक्षामित्रों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं

मैनपुरी। वाराणसी सहित प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों में आंदोलन के दौरान जेल जाने वाले शिक्षामित्रों को निदेशक बेसिक शिक्षा ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला समितियों को शिक्षामित्रों को बर्खास्त करने को कहा है।
जनपद के शिक्षामित्रों ने इसकी घोर निंदा की है। साथ ही शिक्षामित्रों को बर्खास्त करने की कोशिश पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित हुए शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया था। 23 सितंबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान कुछ शिक्षामित्रों ने उनसे मुलाकात करने का प्रयास किया था।

इस दौरान 36 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इन शिक्षामित्रों के संबंध में बीएसए वाराणसी और चंदौली ने निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद से मार्गदर्शन मांगा था। इस पर निदेशक ने पत्र जारी कर कहा है कि जेल जाने वाले सभी शिक्षामित्रों को नोटिस जारी कर जिला समिति बर्खास्तगी की कार्रवाई करे। निदेशक का यह पत्र जारी होने के बाद जनपद के शिक्षामित्रों ने नाराजगी प्रकट की है।

शुभम शक्ति ने कहा कि भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। इसमें अपने हक के लिए प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है। वाराणसी में शिक्षामित्र प्रधानमंत्री से मुलाकात करने की अनुमति ले चुके थे, लेकिन उन्हें जेल में डाल दिया गया। अब बर्खास्तगी जैसी कोई कार्रवाई हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

डॉ अनुराग मिश्र कहते हैं कि शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं की है। संविदा समाप्त होने के बाद प्रदेश व केंद्र सरकार से नई नीति के गठन की मांग कर रहे थे। समान कार्य के लिए समान वेतन मांग रहे थे। इस पर सरकार ने लाठियां बरसाईं और अब बर्खास्तगी का मन बना रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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