इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 के रिजल्ट की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, लगातार विवाद बढ़ते जा रहे हैं। परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के गलत जवाब के मामले में प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचने से समय सारिणी के अनुसार परीक्षा परिणाम जारी होने पर असमंजस बरकरार है।
यही नहीं, यह प्रक्रिया लेट होने से इसका असर दिसंबर में होने वाली शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। 1यूपी टीईटी 2017 का आयोजन बीते 15 अक्टूबर को शांतिपूर्वक हो गया। तीन दिन बाद उत्तरकुंजी जारी हुई और बीते छह नवंबर को संशोधित उत्तरकुंजी वेबसाइट पर अपलोड की गई।
अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को मिली आपत्तियों का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाओं में आठ व तेरह प्रश्नों के जवाब गलत होने का दावा किया गया है। इसमें कोर्ट ने 14 दिसंबर तक यह प्रकरण निस्तारित करने का निर्देश दिया है। समय सारिणी के अनुसार टीईटी का रिजल्ट 30 नवंबर को जारी होना था, लेकिन अब इसके फंसने के आसार हैं। चर्चा है कि 14 दिसंबर को यदि कोर्ट ने एक भी प्रश्न को बदलने का आदेश कर दिया तो पूरा परिणाम प्रभावित होगा। इसके पहले रिजल्ट देने में विभाग कठघरे में आ सकता है।
टीईटी का रिजल्ट विलंबित होने से दिसंबर माह में प्राथमिक विद्यालयों के लिए सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा का प्रभावित होना भी तय है, क्योंकि इस परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही शिक्षक भर्ती में शामिल हो सकते हैं। असल में परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के गलत जवाब पर बड़ी संख्या में मिली आपत्तियों को सिरे से खारिज करना परीक्षा नियामक कार्यालय की फांस बन गया है।1 हालांकि बाद में ‘दैनिक जागरण’ में एक प्रश्न का उत्तर बदलने का मामला उठने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने कहा था कि वह दूसरे विशेषज्ञों से आपत्तियों पर नए सिरे से चर्चा कर रही हैं। संभव है कि अंतिम उत्तरकुंजी जारी हो। यह भी संभावना है कि जल्द ही अंतिम उत्तरकुंजी जारी करके रिजल्ट घोषित कर दिया जाए। माना जा रहा है कि ऐसा करने पर कोर्ट में जिन प्रश्नों को चुनौती दी गई है उनका पूरा संज्ञान लिया जाएगा।

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यही नहीं, यह प्रक्रिया लेट होने से इसका असर दिसंबर में होने वाली शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। 1यूपी टीईटी 2017 का आयोजन बीते 15 अक्टूबर को शांतिपूर्वक हो गया। तीन दिन बाद उत्तरकुंजी जारी हुई और बीते छह नवंबर को संशोधित उत्तरकुंजी वेबसाइट पर अपलोड की गई।
अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को मिली आपत्तियों का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाओं में आठ व तेरह प्रश्नों के जवाब गलत होने का दावा किया गया है। इसमें कोर्ट ने 14 दिसंबर तक यह प्रकरण निस्तारित करने का निर्देश दिया है। समय सारिणी के अनुसार टीईटी का रिजल्ट 30 नवंबर को जारी होना था, लेकिन अब इसके फंसने के आसार हैं। चर्चा है कि 14 दिसंबर को यदि कोर्ट ने एक भी प्रश्न को बदलने का आदेश कर दिया तो पूरा परिणाम प्रभावित होगा। इसके पहले रिजल्ट देने में विभाग कठघरे में आ सकता है।
टीईटी का रिजल्ट विलंबित होने से दिसंबर माह में प्राथमिक विद्यालयों के लिए सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा का प्रभावित होना भी तय है, क्योंकि इस परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही शिक्षक भर्ती में शामिल हो सकते हैं। असल में परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के गलत जवाब पर बड़ी संख्या में मिली आपत्तियों को सिरे से खारिज करना परीक्षा नियामक कार्यालय की फांस बन गया है।1 हालांकि बाद में ‘दैनिक जागरण’ में एक प्रश्न का उत्तर बदलने का मामला उठने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने कहा था कि वह दूसरे विशेषज्ञों से आपत्तियों पर नए सिरे से चर्चा कर रही हैं। संभव है कि अंतिम उत्तरकुंजी जारी हो। यह भी संभावना है कि जल्द ही अंतिम उत्तरकुंजी जारी करके रिजल्ट घोषित कर दिया जाए। माना जा रहा है कि ऐसा करने पर कोर्ट में जिन प्रश्नों को चुनौती दी गई है उनका पूरा संज्ञान लिया जाएगा।

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