जागरण संवाददाता, फतेहपुर: डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी द्वारा
प्रदत्त बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी करने वालों की अब खैर नहीं। एसआईटी
की जांच के बाद फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों के नाम खुल गए है।
शासन द्वारा भेजी गयी सूची में ऐसे शिक्षकों की तलाश की जा रही है जो वर्तमान में इस जिले में सेवाएं दे रहे है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप ने इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को देकर एक एक शिक्षक की पत्रावली तैयार करने का निर्देश दिया है।
बता दे कि कई वर्ष पूर्व डा. भीमराव यूनिवर्सिटी आगरा द्वारा करीब साढ़े चार हजार बीएड डिग्री जारी की थी। जिनको लेकर एसआईटी जांच कर रही थी। इन डिग्रियों को एसआईटी ने फर्जी करार देते हुए ऐसे शिक्षकों की सूची शासन को सौंपी है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में भी करीब सवा सौ ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने उस समय बीएड के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। बीएसए शिवेंद्र प्रताप ¨सह ने बताया कि जिले में छटनी का काम प्रांरभ कर दिया गया है। इनकी पहचान होने के साथ ही ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन द्वारा भेजी गयी सूची में ऐसे शिक्षकों की तलाश की जा रही है जो वर्तमान में इस जिले में सेवाएं दे रहे है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप ने इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को देकर एक एक शिक्षक की पत्रावली तैयार करने का निर्देश दिया है।
बता दे कि कई वर्ष पूर्व डा. भीमराव यूनिवर्सिटी आगरा द्वारा करीब साढ़े चार हजार बीएड डिग्री जारी की थी। जिनको लेकर एसआईटी जांच कर रही थी। इन डिग्रियों को एसआईटी ने फर्जी करार देते हुए ऐसे शिक्षकों की सूची शासन को सौंपी है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में भी करीब सवा सौ ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने उस समय बीएड के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। बीएसए शिवेंद्र प्रताप ¨सह ने बताया कि जिले में छटनी का काम प्रांरभ कर दिया गया है। इनकी पहचान होने के साथ ही ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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