Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

स्कूल बंद रखने की सजा में काटी पगार

जागरण संवाददाता, उन्नाव : समायोजित सहायक अध्यापक से हटने के बाद आंदोलित हुए शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग ने कम वेतन का झटका दिया है। हर दिन का हिसाब यहां आंदोलनकारी से लिया गया है। उन्हें अगस्त से अक्टूबर माह तक का जो वेतन दिया गया है, उसमें कटौती की है।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई से स्कूल छोड़ आंदोलन की राह पकड़ ली थी। जिला बेसिक कार्यालय का घेराव करते हुए तालाबंदी की थी। लखनऊ से दिल्ली तक वह अपनी पद वापसी की लड़ाई लड़ते रहे। इन सब के बीच परिषदीय स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। कोर्ट के फैसले के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन जैसे-तैसे शांत हुआ। उसके बाद प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की चौपट हुई पढ़ाई का हिसाब शिक्षा परिषद ने उनके वेतन में कटौती करके किया है। शासन के आदेश के बाद आंदोलन की वीडियोग्राफी और कक्षा में अनुपस्थिति को माध्यम बनाते हुए कार्रवाई की गई है। बेसिक शिक्षा के अधिकारियों का कहना है कि वेतन में प्रतिदिन के हिसाब से कटौती की गई है। हजारों की संख्या में शिक्षामित्र लड़ाई में शामिल हुए थे। बता दें कि शिक्षामित्रों की वेतनमान 10,000 रुपये प्रति माह है। कटौती की शिकायत को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी के पास पहुंचे शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग की चिट्ठी दिखाई गई। इसके बाद उन्हें वेतन काटने का मुख्य कारण पता लग सका था।
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news