नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों की वरिष्ठता सूची रद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले पर छह दिसंबर को फिर सुनवाई होगी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 30 जून 2017 को प्रदेश की उच्च न्यायिक सेवा (हायर ज्युडिशियल सर्विस) के प्रमोटी और सीधी भर्ती के अधिकारियों की वरिष्ठता सूची रद कर दी थी। हाई कोर्ट ने नये सिरे से वरीयता सूची बनाने का आदेश दिया था। 1इस आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी इसके खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की है। 1बुधवार को मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र व न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की पीठ ने याचिका पर प्रतिपक्षियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि जिस किसी पक्षकार को मामलें में हलफनामा या अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना हो वे 30 नवंबर तक दाखिल कर सकते हैं। मामले को छह जनवरी को फिर सुनवाई के लिए लगाया जाएगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि उस दिन कोई भी पक्षकार सुनवाई पर स्थगन की मांग नहीं करेगा।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 30 जून 2017 को प्रदेश की उच्च न्यायिक सेवा (हायर ज्युडिशियल सर्विस) के प्रमोटी और सीधी भर्ती के अधिकारियों की वरिष्ठता सूची रद कर दी थी। हाई कोर्ट ने नये सिरे से वरीयता सूची बनाने का आदेश दिया था। 1इस आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी इसके खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की है। 1बुधवार को मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र व न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की पीठ ने याचिका पर प्रतिपक्षियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि जिस किसी पक्षकार को मामलें में हलफनामा या अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना हो वे 30 नवंबर तक दाखिल कर सकते हैं। मामले को छह जनवरी को फिर सुनवाई के लिए लगाया जाएगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि उस दिन कोई भी पक्षकार सुनवाई पर स्थगन की मांग नहीं करेगा।

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