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UPTET 2017: टीईटी की उत्तरकुंजी पर हाईकोर्ट में याचिका, संशोधित उत्तरकुंजी में अभ्यर्थियों की आपत्तियां दरकिनार करने का मामला

इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 की उत्तरकुंजी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रश्नों के गलत उत्तरों में संशोधन के लिए आपत्ति की थी, लेकिन वह दरकिनार होने पर अभ्यर्थियों ने आठ प्रश्नों के उत्तर को याचिका के जरिए चुनौती दी है।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बीते 15 अक्टूबर को टीईटी 2017 का आयोजन प्रदेश भर के केंद्रों पर किया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक में एनसीटीई की ओर से जारी मानक पाठ्यक्रम से इतर तमाम प्रश्न पूछे गए, जिनमें कई प्रश्नों के संभावित दो उत्तर व कुछ प्रश्नों के उत्तर दिए विकल्पों में थे ही नहीं। साथ ही कई ऐसे प्रश्न भी थे जो अपूर्ण थे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने जब उत्तरकुंजी जारी की तो हजारों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग प्रश्नों के जवाब पर साक्ष्य के साथ आपत्तियां भेजी। इसमें मुख्य रूप से आठ प्रश्नों व सिलेबस से बाहर के प्रश्नों पर ही अधिकतर आपत्तियां हुई।


परीक्षा नियामक कार्यालय ने छह नवंबर को संशोधित उत्तरकुंजी जारी की जिसमें एक प्रश्न में सभी को समान अंक देने को कहा व दूसरे प्रश्न के विकल्प को बदला गया है। अन्य प्रश्नों के जवाब पर कोई संशोधन नहीं हुआ। अभ्यर्थी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि इन प्रश्नों के जवाब को लेकर वह परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव से मिले, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकल सका है। उन्होंने बताया कि सीरीज ‘डी’ में प्रश्न संख्या दो, 22, 42, 61, 72, 49 व 133 के जवाब को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसकी जल्द ही सुनवाई होगी।1उधर, परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डॉ. सुत्ता सिंह ने तीन दिन पहले कहा था कि अभ्यर्थियों ने जिन प्रश्नों पर आपत्तियां की थी उनका परीक्षण अब दूसरे विषय विशेषज्ञों से कराया जा रहा है। यदि वह जवाब बदलने का निर्देश देते हैं तो नए सिरे से उत्तरकुंजी जारी हो सकती है।

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