लखनऊ : योगी सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए नवीन सौर ऊर्जा नीति-2017 को मंजूरी दी है। यह नीति पांच वर्ष तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत सूबे में 10 हजार सूर्य मित्र नियुक्त किए जाएंगे।
ये सूर्य मित्र उपभोक्ताओं को योजना से लाभान्वित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके तहत 10700 मेगावाट ग्रिड संयोजित सौर पावर परियोजना की स्थापना का लक्ष्य है।1मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मैराथन बैठक में यह फैसला हुआ। इसके समेत कुल 22 महत्वपूर्ण फैसले किए गए। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने फैसलों की जानकारी दी। बताया कि सौर ऊर्जा नीति 2013 में व्यापक संशोधन किया गया है। नियुक्त होने वाले दस हजार सूर्य मित्रों का प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होगा। विशेष रूप से ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के तहत उपभोक्ता को वरीयता दी जाएगी। प्रति विद्युत उपभोक्ता को 15 हजार रुपये से 30 हजार रुपये तक के अनुदान दिए जाएंगे।

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ये सूर्य मित्र उपभोक्ताओं को योजना से लाभान्वित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके तहत 10700 मेगावाट ग्रिड संयोजित सौर पावर परियोजना की स्थापना का लक्ष्य है।1मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मैराथन बैठक में यह फैसला हुआ। इसके समेत कुल 22 महत्वपूर्ण फैसले किए गए। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने फैसलों की जानकारी दी। बताया कि सौर ऊर्जा नीति 2013 में व्यापक संशोधन किया गया है। नियुक्त होने वाले दस हजार सूर्य मित्रों का प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होगा। विशेष रूप से ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के तहत उपभोक्ता को वरीयता दी जाएगी। प्रति विद्युत उपभोक्ता को 15 हजार रुपये से 30 हजार रुपये तक के अनुदान दिए जाएंगे।

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