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आरओ/एआरओ-2016 पेपर लीक प्रकरण में आयोग अध्यक्ष पर उठे सवाल: प्रारंभिक परीक्षा का पेपर हुआ था लीक

उप्र लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डा. अनिल यादव के बाद वर्तमान अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव भी घेरे में हैं। समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी-2016 की प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण को लेकर वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए एसटीएफ से जांच करवाने की उठी है।
पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में कहा गया है कि डा. अनिरुद्ध सहित आयोग के अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ हो। गौरतलब है कि आरओ/एआरओ की प्रारंभिक परीक्षा 27 नवंबर 2016 को हुई थी। इसका पेपर लीक हुआ था और सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। उस समय तत्कालीन सरकार और आयोग के अध्यक्ष ने यह मानने से इन्कार कर दिया था कि पेपर लीक हुआ है। वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के अनुरोध पर कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। इसकी जांच एसटीएफ ने की, लेकिन वह केवल खानापूर्ति तक ही सीमित रही। इस मामले की अब सीबीसीआइडी जांच हो रही है। प्रतियोगी छात्रों ने अपने बयान दर्ज कराते हुए आयोग के वर्तमान अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव पर अंगुली उठाई और कहा कि अध्यक्ष व आयोग के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण के बिना पेपर लीक होना संभव नहीं है इसलिए इन अधिकारियों से भी कड़ाई से पूछताछ आवश्यक है।
इस संबंध में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की जांच पुन: एसटीएफ से कराने की की है। कहा कि पेपर लीक होने में यदि आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता दिखाई होती तो उनके स्तर से ही जांच होनी चाहिए थी, जबकि उन्होंने आरोप को सिरे से नकार दिया था। पत्र में आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ की भूमिका भी संदेहास्पद बताई गई है। समिति ने की है कि इस प्रकरण की दोनों एजेंसियां मिलकर जांच करेंगी तो मुख्य आरोपी पकड़ में आएंगे।

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