इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र की ओर से होने वाली परीक्षाओं में केंद्र निर्धारण नीति के शासनादेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल का चुनौती दी गई है।
इस याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इलाहाबाद के सावित्री देवी इंटर कालेज सोनई, करछना की प्रबंध समिति व दो अन्य की याचिका पर अधिवक्ता ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव ने कोर्ट में बहस की। इनका कहना है कि अधिनियम में केंद्र की परिभाषा के मुताबिक किसी विद्यालय में पंजीकृत बोर्ड परीक्षार्थी, किसी दूसरे विद्यालय में बोर्ड परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किए जा सकते। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय विधिक प्रभाव से स्वयं परीक्षा केंद्र होते हैं। अधिवक्ता की दलील सुनकर मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले तथा न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
इस याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इलाहाबाद के सावित्री देवी इंटर कालेज सोनई, करछना की प्रबंध समिति व दो अन्य की याचिका पर अधिवक्ता ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव ने कोर्ट में बहस की। इनका कहना है कि अधिनियम में केंद्र की परिभाषा के मुताबिक किसी विद्यालय में पंजीकृत बोर्ड परीक्षार्थी, किसी दूसरे विद्यालय में बोर्ड परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किए जा सकते। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय विधिक प्रभाव से स्वयं परीक्षा केंद्र होते हैं। अधिवक्ता की दलील सुनकर मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले तथा न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق