इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी के रिजल्ट को लेकर वह अभ्यर्थी खासे खफा हैं, जिनके परिणाम में अपूर्ण दर्ज है। ऐसे अभ्यर्थियों की तादाद हजारों में बताई जा रही है। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का घेराव करके परिणाम को दुरुस्त करने की मांग की।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने प्रत्यावेदन मांगा है लेकिन, रिजल्ट में अब उलटफेर होने के आसार नहीं हैं।1 का रिजल्ट भले ही 11 फीसद आया है लेकिन, तमाम अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनका दावा है कि उनका पेपर अच्छा हुआ था और परिणाम में अपूर्ण दर्ज है। इससे वह शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। असल में, अपूर्ण रिजल्ट उन्हीं अभ्यर्थियों का है, जिन्होंने ओएमआर में अंकन पूरा नहीं किया है। मसलन, अनुक्रमांक, विषय आदि के गोलों को अभ्यर्थी काला करना भूल गए हैं। यह गलती उसी समय कक्ष निरीक्षक की ओर से हस्ताक्षर करते समय सुधारी जा सकती थी, लेकिन अब यदि परीक्षा नियामक कार्यालय इसमें बदलाव करता है तो उस पर रिजल्ट प्रभावित होने का आरोप लग सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि वह ओएमआर का अंकन सुधार देंगे तो क्या वह प्रश्नों के उत्तर वाले गोले काला या फिर पुराने उत्तरों में बदलाव नहीं कर सकते। परीक्षा नियामक सचिव डॉ. सुत्ता सिंह ने कहा कि जो अभ्यर्थी अपना ओएमआर सही से नहीं भर सके हैं, उन्हें प्रतियोगी कैसे माना जाए इस पर वह खुद विचार करें। कंप्यूटर ने पूरा ओएमआर स्कैन किया है, उनके काले गोले को ही पढ़ा है, जो दर्ज नहीं है वह अपूर्ण की श्रेणी में आ गए हैं। हालांकि सचिव ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से प्रत्यावेदन लिया है लेकिन, रिजल्ट में बड़ा बदलाव करने की उम्मीद बहुत कम है। सचिव ने यह भी कहा है कि अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखकर प्रत्यावेदन पर विचार करेंगे। यहां पर शेर सिंह, संजीव त्रिपाठी, सनी सिंह, चंदन, नवीन, अमन, अंकित यादव, सूरज, जयकरन आदि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने प्रत्यावेदन मांगा है लेकिन, रिजल्ट में अब उलटफेर होने के आसार नहीं हैं।1 का रिजल्ट भले ही 11 फीसद आया है लेकिन, तमाम अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनका दावा है कि उनका पेपर अच्छा हुआ था और परिणाम में अपूर्ण दर्ज है। इससे वह शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। असल में, अपूर्ण रिजल्ट उन्हीं अभ्यर्थियों का है, जिन्होंने ओएमआर में अंकन पूरा नहीं किया है। मसलन, अनुक्रमांक, विषय आदि के गोलों को अभ्यर्थी काला करना भूल गए हैं। यह गलती उसी समय कक्ष निरीक्षक की ओर से हस्ताक्षर करते समय सुधारी जा सकती थी, लेकिन अब यदि परीक्षा नियामक कार्यालय इसमें बदलाव करता है तो उस पर रिजल्ट प्रभावित होने का आरोप लग सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि वह ओएमआर का अंकन सुधार देंगे तो क्या वह प्रश्नों के उत्तर वाले गोले काला या फिर पुराने उत्तरों में बदलाव नहीं कर सकते। परीक्षा नियामक सचिव डॉ. सुत्ता सिंह ने कहा कि जो अभ्यर्थी अपना ओएमआर सही से नहीं भर सके हैं, उन्हें प्रतियोगी कैसे माना जाए इस पर वह खुद विचार करें। कंप्यूटर ने पूरा ओएमआर स्कैन किया है, उनके काले गोले को ही पढ़ा है, जो दर्ज नहीं है वह अपूर्ण की श्रेणी में आ गए हैं। हालांकि सचिव ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से प्रत्यावेदन लिया है लेकिन, रिजल्ट में बड़ा बदलाव करने की उम्मीद बहुत कम है। सचिव ने यह भी कहा है कि अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखकर प्रत्यावेदन पर विचार करेंगे। यहां पर शेर सिंह, संजीव त्रिपाठी, सनी सिंह, चंदन, नवीन, अमन, अंकित यादव, सूरज, जयकरन आदि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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