जागरण संवाददाता, मिरहची: आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक
मारहरा ब्लाक अध्यक्ष के कस्बा स्थित आवास पर हुई। जिसमें फीरोजाबाद के
छात्रों पर बीते माह पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की ¨नदा की गई।
संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति का अधिकार है। लेकिन जबसे केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आई हैं, लोगों को अपनी बात कहने या रखने का कोई अधिकार नहीं रह गया है। किसी की बात को सुनने के बजाय बलपूर्वक दबा दिया जाता है। अगर कोई धरना-प्रदर्शन करता है तो उसे कुचल दिया जाता है। आंदोलनकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमे लिखकर जेल की यातनाएं झेलने को विवश किया जाता है। ताकि कोई सरकार के खिलाफ आवाज न उठा सके। ब्लाक अध्यक्ष यशवीर ¨सह वर्मा ने कहा कि एटा में 8 सितंबर को शिक्षामित्रों पर कराए गए पुलिस लाठीचार्ज एवं बनारस में महिला शिक्षामित्रों एवं छात्राओं पर हुआ लाठीचार्ज इस हिटलरशाही का जीता जागता उदाहरण है। बैठक में विपिन राघव, आशा यादव, विमल कुमार, नेकसेलाल, राजकुमारी, विमला प्रणव, हरिकांत, क्षेत्रपाल, शेषपाल ¨सह, किशनपाल ¨सह, सुमन वर्मा, नीलम, सरोज कुमारी, ज्योति, अंजली, नीता आदि शिक्षामित्रों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घोर ¨नदा की। संगठन ने मांग रखी कि जेल में बंद छात्रों को तत्काल ससम्मान रिहा किया जाए और उनके रोजगार की व्यवस्था की जाए।
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संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति का अधिकार है। लेकिन जबसे केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आई हैं, लोगों को अपनी बात कहने या रखने का कोई अधिकार नहीं रह गया है। किसी की बात को सुनने के बजाय बलपूर्वक दबा दिया जाता है। अगर कोई धरना-प्रदर्शन करता है तो उसे कुचल दिया जाता है। आंदोलनकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमे लिखकर जेल की यातनाएं झेलने को विवश किया जाता है। ताकि कोई सरकार के खिलाफ आवाज न उठा सके। ब्लाक अध्यक्ष यशवीर ¨सह वर्मा ने कहा कि एटा में 8 सितंबर को शिक्षामित्रों पर कराए गए पुलिस लाठीचार्ज एवं बनारस में महिला शिक्षामित्रों एवं छात्राओं पर हुआ लाठीचार्ज इस हिटलरशाही का जीता जागता उदाहरण है। बैठक में विपिन राघव, आशा यादव, विमल कुमार, नेकसेलाल, राजकुमारी, विमला प्रणव, हरिकांत, क्षेत्रपाल, शेषपाल ¨सह, किशनपाल ¨सह, सुमन वर्मा, नीलम, सरोज कुमारी, ज्योति, अंजली, नीता आदि शिक्षामित्रों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घोर ¨नदा की। संगठन ने मांग रखी कि जेल में बंद छात्रों को तत्काल ससम्मान रिहा किया जाए और उनके रोजगार की व्यवस्था की जाए।
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