लखनऊ. उत्तर प्रदेश के
प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बनने के लिए उत्तर प्रदेश में 5 साल तक रहने
वाला कोई भी व्यक्ति शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिये आवेदन कर सकता है। इसके
लिए उसे एनसीटीई के मानकों के तहत चाहे किसी से भी प्रशिक्षण प्राप्त करना
होगा। वह चाहे उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर में रहता हो उसे वहां से निवास
प्रमाण पत्र जारी किया गया हो।
कैबिनैट ने सुनाया फैसला
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में राज्य
सरकार के प्रवक्ता ने कहा था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में देश के किसी भी
राज्य के निवासी आवेदन कर सकते हैं उसके बाद बुधवार को इस पर सरकार की ओर
से स्थिति साफ कर दी गई है।
जानिये क्या है नियम
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक
विद्यालयों में शिक्षकों की सीधी भर्ती उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक
सेवा नियमावली 1981 के तहत की जाती है। शासनादेश में जो व्यवस्था की गई है
उस के तहत ऐसे अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र होंगे जो भारत के नागरिक हो और
यूपी में 5 वर्ष के निवासी रहे हो अभ्यर्थी का निवास कहां पर आवेदन करने की
तिथि से पूर्व संबंधित तहसील से जारी होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के 25
जुलाई 2017 और हाईकोर्ट के 12 दिसंबर 2017 के आदेश के अनुपालन से संबंधित
जिले से प्रशिक्षण प्राप्त किए जाने की अनिवार्यता समाप्त की गई है।
1.82 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए
बेसिक स्कूलों में सहायक शिक्षकों के
68,500 पदों पर भर्ती के लिए 1.82 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
परीक्षा 12 मार्च को होगी। सबसे अधिक 18ख,733 आवेदन इलाहाबाद मंडल में आए
हैं। सबसे कम 4,209 आवेदन मीरजापुर में आए हैं। लखनऊ मंडल में 18,359
अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
शिक्षामित्रों को मिलेगा वेटेज
शिक्षक पद के लिए तैयार हो रही मेरिट
लिस्ट में शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर भारांक (वेटेज) दिया
जाएगा, जो अधिकतम 25 अंकों का होगा। शिक्षामित्रों के अनुभव के आधार पर
उन्हें हर साल के लिए उन्हें 2.5 अंकों का वेटेज दिया जाएगा, जो अधिकतम 10
साल तक के शैक्षणिक अनुभव को माना जाएगा।
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