इलाहाबाद : सम्मिलित राज्य/अवर अधीनस्थ सेवा यानी पीसीएस परीक्षा 2018
की परीक्षा अब संघ लोकसेवा आयोग के पैटर्न पर होगी। उप्र लोकसेवा आयोग ने
शुक्रवार को इस पर मुहर लगा दिया है। आयोग की बैठक में यह प्रस्ताव पास
होने के बाद अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए शासन में भेजा गया है। मंजूरी
मिलने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
आयोग में सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। यानि
शासन से अनुमोदन मिलते ही पीसीएस 2018 परीक्षा का स्वरूप बदल जाएगा। इससे
पहले आयोग की परीक्षा समिति ने इसका अनुमोदन किया था। गौरतलब है कि आयोग ने
पीसीएस परीक्षा का पैटर्न यूपीएससी की तर्ज पर करने का निर्णय पिछले साल
ही लिया था लेकिन, शासन ने प्रस्ताव में कुछ खामियों के कारण मंजूरी नहीं
दी थी। आयोग के निर्णय से प्रतियोगी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सचिव जगदीश ने बताया कि आयोग की बैठक में इन प्रस्तावों पर निर्णय पारित कर
दिया गया है। इसके अलावा हर विषय के सिलेबस का रिव्यू भी किया गया है। इसे
अंतिम मंजूरी के लिए शासन में भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही नोटिफिकेशन
जारी होगा।
साक्षात्कार व मुख्य परीक्षा पर पड़ेगा असर : आयोग के निर्णय से पीसीएस
2018 की मुख्य परीक्षा में दो की बजाय एक वैकल्पिक विषय होगा। साक्षात्कार
के अंक 200 से घटकर 100 रह जाएंगे। यानि चयन का आधार इंटरव्यू के बजाय
लिखित परीक्षा की मेरिट होगी। साथ ही मुख्य परीक्षा के अंकों का महत्व भी
बढ़ जाएगा। 1यही नहीं अब इस परीक्षा में माइनस मार्किंग भी होगी।
साक्षात्कार के लिए अभी तक 21 दिन पहले अभ्यर्थी को नोटिस भेजे जाने का
नियम था लेकिन, अब तकनीकी युग में उन्हें 15 दिन पहले नोटिस भेजी जाएगी।
वहीं परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन का समय 21 दिन और ऑफलाइन के लिए 28 दिन
मिलेंगे। आयोग के इस कदम से परीक्षा में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
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