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उत्तर पुस्तिकाओं पर शिक्षा माफियाओं की नजर

जागरण संवाददाता, वाराणसी : शासन यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए कटिबद्ध है। वहीं जौनपुर में शुक्रवार को सादी उत्तर पुस्तिकाएं पकड़ी गई हैं। ऐसे में शिक्षा माफियाओं की निगाहें सादी उत्तरपु स्तिकाओं पर भी टिकी हैं, ताकि केंद्र के बाहर कापियां लिखवाई जा सकें।
गत वर्ष जनपद के एक केंद्र पर 19 कापियां केंद्र के बाहर लिखते हुए पकड़ी गई थी। ऐसे में सतर्कता नहीं बरती गई तो इस वर्ष भी पुनरावृत्ति से इन्कार नहीं किया जा सकता। कारण बोर्ड ने वाराणसी जनपद को बगैर क्रमांकित कापियां आवंटित की हैं। ऐसे में जनपद में सादी उत्तर पुस्तिकाओं की हेराफेरी आसानी से की जा सकती है।

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बहरहाल डीआइओएस डा. ओपी राय का कहना है कि सभी केंद्रों को दी गई सादी उत्तर पुस्तिकाओं का पूरा रिकार्ड कार्यालय के पास मौजूद है। परीक्षा के बाद बची हुई सादी उत्तर पुस्तिकाएं जमा करा ली जाती हैं। ऐसे में सादी कापियों का दुरुपयोग केंद्र के लिए संभव नहीं है।

दो दर्जन केंद्रों का किया सत्यापन

डीआइओएस तथा वित्त व लेखाधिकारी संतोष कुमार ने शुक्रवार को करीब दो दर्जन केंद्रों की भौतिक सत्यापन किया। इसके अलावा भौतिक सत्यापन के लिए कुछ अध्यापकों को भी लगाया गया है।

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122 केंद्रों पर दो-दो केंद्राध्यक्षों की तैनाती

सीएम सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग दोनों की टीमें गोपनीय तरीके सभी 142 केंद्रों की रिपोर्ट तैयार कर रहीं हैं ताकि शिक्षा माफियाओं के मंसूबों को ध्वस्त किया जा सके। इस क्रम में 122 केंद्रों पर अब बाह्य अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक भी तैनात करने का निर्णय लिया गया है। जनपद में 122 विद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी गई है। इसे देखते हुए इन केंद्रों पर अब दो-दो केंद्राध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे। नकल रोकने को लेकर सीएम की चेतावनी के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस स्वयं भी नए सिरे केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने में जुटे हुए हैं।

एलआइयू को भी किया सतर्क

इसके अलावा डीआइओएस ने राजकीय व अशासकीय विद्यालयों के स्वच्छ व तेज-तर्राज अध्यापकों की अलग-अलग दस टीम भी बनाई है। इन टीमों से केंद्रों के बारे में यथाशीघ्र गोपनीय रिपोर्ट मांगी गई है। इतना ही नही एक केंद्र की दो टीमों से रिपोर्ट मांगी जा रहीं है ताकि क्रास चेक किया जा सके। इसके अलावा एलआइयू को अभी से सतर्क कर दिया गया है।

बदले जाएंगे कई केंद्राध्यक्ष

डीआइओएस ने बताया कि सभी केंद्रों की नए सिरे से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। गत वर्ष की परीक्षा में जिन केंद्रों पर नकल की शिकायत मिली थी लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे केंद्रों को भी नए सिरे से जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ केंद्राध्यक्ष बदले भी जा सकते हैं।

संवेदनशील केंद्रों की समीक्षा

जनपद में 18 केंद्र संवेदनशील माने गए हैं। इन केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। वहीं संवेदनशील केंद्रों पर फिर से समीक्षा की जा रहीं हैं। ऐसे में जनपद में संवेदनशील केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है।

डयूटी से भाग रहे अध्यापक

शासन के सख्त तेवर को देखते हुए तमाम अध्यापक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी से भाग रहे हैं। ड्यूटी लिस्ट से आपना नाम कटवाने के लिए कुछ अध्यापक डीआइओएस कार्यालय चक्कर काट रहे हैं। कुछ पैरवी भी लगा रहे हैं। कुछ अपने घर के पास के केंद्र पर ड्यूटी लगवाने के लिए पैरवी लगा रहे हैं। डीआइओएस डा. ओपी राय ने कहा कि सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट के अलावा अन्य किसी भी आधार पर अध्यापक को परीक्षा में कोई अवकाश मान्य नहीं हैं। सभी शिक्षकों को परीक्षा में अनिवार्य रूप से ड्यूटी करनी होगी। ड्यूटी न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएंगी।

परीक्षा बहिष्कार की धमकी

पूर्णकालिक शिक्षक की मांग को लेकर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करने की धमकी दी है। यदि ऐसा हुआ तो कक्ष निरीक्षकों का टोटा होना तय है।

वैकल्पिक कक्ष निरीक्षक की बन रही सूची

वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की धमकी को देखते हुए डीआइओएस कार्यालय में वैकल्पिककक्ष निरीक्षक की भी सूची बनाई जा रही है। करीब 500 वैकल्पिककक्ष निरीक्षक बनाने का निर्णय लिया गया है। ताकि किसी भी केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों को मुक्त करने पर उनके स्थान पर तत्काल दूसरे शिक्षक भेजे जा सके।

केंद्राध्यक्षों की बैठक आज

शासन की मंशा के अनुसार जनपद में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए डीएम की अध्यक्षता में केंद्राध्यक्षों की एक बैठक तीन फरवरी को दोपहर दो बजे राजकीय क्वींस इंटर कालेज में बुलाई गई है। बैठक में केंद्राध्यक्षों के अलावा समस्त जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सचल दस्ता के सदस्यों को भी बुलाया गया है।
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