आगरा (ब्यूरो)- इन दोनो विद्यालयो मे तैनात
शिक्षामित्र अपनी मनमर्जी से विद्यालय आते-जाते है। उन्हें किसी का भय ही
नही इसी कारण दोनो विद्यालय बन्द पड़े हैं । बता दें कि प्राथमिक विद्यालय
मे एक शिक्षिका तैनात थी जो ऐक्सिडेंट हो जाने के कारण अवैतनिक अवकाश पर चल
रही है।
व तीन शिक्षामित्र संयमित दिनेशकुमार राजबहादुर मनमर्जी से कभी
कभार विद्यालय आते है।वो भी रजिस्टर मे अपनी हाजिरी भरने।और यही स्थिति
जूनियर की है।यहां महज एक शिक्षामित्र प्रमोद कुमार तैनात है।वो भी
विद्यालय नही आते इस कारण समूचे गांव के बच्चो का ये समय बिना शिक्षा के ही
गुजर रहा है लेकिन् आश्चर्य की बात तो है इतना सब होने के बाद विभाग के
अधिकारियो को इस मामले की खबर तक नही है। इस बिषय मे जब एबीएसऐ पिनाहट
कमलेश बाबू से पूछा गया तो उन्होने बताया कि ऐसा कोई मामला हमारे संज्ञान
मे नही है। वहीँ ग्रामीणो ने इस समस्या से दुखी होकर दोनो विद्यालय पर
सोमबार को हंगामा किया व शिक्षा विभाग की नीतियो का विरोध किया।
लोगो का कहना था कि जब पढाई ही नही होनी थी तो यहां विद्यालयो के नाम पर
इमारत क्यो बनायी है।ग्रामीणो ने कहा वे इस सम्बन्ध मे जल्द जिलाधिकारी
आगरा से मिलकर शिकायत करेगे।वही ग्रामीणो मे ब्रजेशसिह धर्मेन्द्र सीटू
प्रबलप्रताप वीरीसिह सुखलाल गोरीशंकर पंचमसिह सोनू उदयभान आदि।
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