लखनऊ: मदरसों के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के बाद अब योगी सरकार की नजर
मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं पर है। सरकार इस बार मदरसा बोर्ड की
परीक्षा में बड़े पैमाने पर सुधार करने जा रही है। पहली बार यूपी बोर्ड की
तर्ज पर मदरसों की भी परीक्षा कराने की तैयारी है।
सख्ती इतनी होगी कि
परीक्षा में नकल न हो सके। परीक्षा की निगरानी के लिए कई स्तर पर उड़नदस्ते
बनाये जाएंगे। डीएम को परीक्षा पर सीधी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार शुरुआत से ही मदरसों को दुरुस्त करने में लगी है। सबसे पहले
ऑनलाइन पोर्टल बनाकर फर्जी मदरसों को सिस्टम से अलग किया। अब परिषद द्वारा
आयोजित मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल एवं फाजिल की परीक्षाओं को सुधारने का
निर्णय लिया है। अप्रैल में होने वाली इन परीक्षाओं को भी नकलविहीन आयोजित
करने की तैयारी है। इस बार परीक्षा केंद्रों की सघन तलाशी व औचक निरीक्षण
के साथ ही जिला स्तर पर सचल दल व आंतरिक निरीक्षण दस्ते का गठन जिला
प्रशासन के सहयोग से चार स्तर पर बनाया जाएगा। बालिकाओं की तलाशी के लिए
सचल दल में यथा संभव महिला निरीक्षक रखी जाएंगी।
परीक्षा केंद्र में निरीक्षण व सचल दल के अलावा किसी भी बाहरी को प्रवेश की
अनुमति नहीं मिलेगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट या
फिर पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी। पर्यवेक्षक राजपत्रित अधिकारी को ही
बनाया जाएगा।
सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट रखेंगे परीक्षा पर नजर : मदरसा बोर्ड की
परीक्षा में पहली बार सेक्टर मजिस्ट्रेट व स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किये
जाएंगे। पूरे जिले को सेक्टरों में इस तरह बांटा जाएगा ताकि प्रत्येक
परीक्षा केंद्र में आकस्मिक छापा मारा जा सके। सेक्टर मजिस्ट्रेट व सचल दल
का यह दायित्व होगा कि वह अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न-पत्र
लीक न होने दें।
प्रत्येक केंद्र पर रहेंगे दो सशस्त्र गार्ड : प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कम से कम दो सशस्त्र गार्ड तैनात किए
जाएंगे।
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