शिक्षामित्र समायोजन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद
से लेकर आज तक सरकार का रवैया बेहद असंवेदनशील व निराशाजनक रहा है।
टेट
परीक्षा में हुई लापरवाही और भर्ती प्रक्रिया को जटिल बनाकर सरकार ने भर्ती
को बाधित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कुल मिलाकर रोजगारपरक सरकार का
दम भरने वाली सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह फेल रही है। बाकी की कसर बेसिक
शिक्षामंत्री द्वारा दिए गए तथ्यहीन बयानों ने पूरी कर दी है। विभाग अभी तक
यह बताने में नाकाम रहा है कि यदि लिखित परीक्षा का उद्देश्य गुणवत्तापरक
शिक्षा है तो पूर्व से कार्यरत शिक्षक जिन्होंने इस परीक्षा को पास नहीं
किया है वह कैसे शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखेंगे।
श्रीनारायण पांडेय
शिक्षामित्र, प्राथमिक विद्यालय कंचनपुरा।
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