*टेट याचिका विशेष अपील डबल बेंच लखनऊ उच्च न्यायालय ग्राउंड रिपोर्ट:-*
आज की महाबहस की शुरुआत सीनियर *एडवोकेट उपेंद्र नाथ मिश्रा* जी ने की मिश्रा साहब द्वारा कोर्ट को सरकार की उन तमाम अनियमितताओं से विद प्रूफ अवगत कराया गया जिसकी वजह से आज टीईटी-2017 कोर्ट तक पहुंचा।
*किस तरह परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने सिंगल बेंच में याचियों द्वारा प्रस्तुत किये गए पुख्ता साक्ष्यों को दरकिनार करते हुए, मनमाने तरीके से कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत की।*
*किस तरह सरकार ने फीस के नाम पर करोड़ो रूपये अंदर कर, मामले को कोर्ट तक जाने हेतु मजबूर किया और अपनी गलती को मानने से आज तक इनकार किया।*
*किस तरह अपनी झूठी शान के चलते परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को पेपर छापने वाली ऐजेंसी तथा एक्सपर्ट पैनल के सिर मढ़ दिया।*
*किस तरह शासन और प्रशासन की मिलीभगत ने एक से अधिक विकल्प देकर, गलत विकल्प देकर, आदि। अनियमितताओं के चलते हजारों स्टूडेंट के भविष्य को दाँव पर लगा दिया।*
*किस तरह इनके ही एक्सपर्ट पैनल को सही जवाब का पता नही होने के कारण दो बार एक ही उत्तर का संशोधन कर तीन बार आंसर की जारी की गई, बावजूद आज भी दोनों पक्ष संतुष्ट नही।*
इन सभी तर्कों को और बल प्रदान करते हुए टीईटी-2017 की मार्गदर्शी सिद्धान्त का जिक्र किया गया, जिसमे लिखा था कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन इसी मार्गदर्शी सिद्धान्त पर हो, जो पूर्णतः एनसीटीई गाइडलाइन्स के अधीन है। जिसका सख्ती से अनुपालन नही हुआ।
मिश्रा जी द्वारा सरकार की तरफ से लगाये गए आरोपों को सिरे से खारिज किया गया। हमारी तरफ से बेहतर दबाव बन चुका है। अब सरकार बहुत जल्द चारो खाने चित होने वाली है।
इसी के साथ कल *दिनांक:-22/03/2018* को फ्रेश केस के बाद बहस जारी रहेगी.
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